रांचीः राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को अभी और इंतजार करना होगा। अब लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर शुक्रवार (19 फरवरी) सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में लालू ने 11 जुलाई 1997 को सरेंडर किया और 29 अक्टूबर 1997 को जमानत मिली.इसका मतलब 3 महीने से ज्यादा दिनों तक वह जेल में रहे लालू द्वारा जितनी भी अवधि न्यायिक हिरासत में बिताई गई है उसे जोड़ा जाए बताते चलें कि. स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहे लालू प्रसाद यादव ने जेल से जल्द रिहाई के लिए अदालत से गुहार लगाई थी.
25 साल से चल रहा है चारा घोटाला का मामला
लालू प्रसाद को चारा घोटाले के नियमित मामले rc 20a/96 में 5 वर्ष की सजा सुनाई गई. 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया. देवघर कोषागार से जुड़े rc 64a/96 में साढ़े 3 वर्ष की सजा सुनाई गई, जबकि 5 लाख रुपए का जुर्माना लगा. चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले rc 68a/96 में 5 साल की सजा सुनाई गई. 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया. दुमका कोषागार से जुड़े मामले में 7-7 वर्ष की सजा सुनाई गई. डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले की सुनवाई चल रही है. चारा घोटाला उस समय सुर्खियों में आया जब पश्चिमी सिंहभूम जिले (चाईबासा) के तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने 27 जनवरी 1996 को उजागर किया. बिहार पुलिस ने इस पर केस दर्ज किया और जांच आगे बढ़ाई तो इसके तार लालू प्रसाद यादव और दूसरे लोगों से जुड़े. बाद में सीबीआई ने इस केस की जांच शुरू की, जो पिछले 25 वर्षों से चल रहा है.

