नई दिल्ली: गलवन घाटी में भारत-चीन के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है. राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस की तरफ से हुसैन दलवई ने पूछा है कि जवानों के पास हथियार क्यों नहीं थे. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि चीन की तरफ किसी भी सैनिक की मौत नहीं हुई है, सिर्फ हमारे जवान मारे गए हैं.
दलवई ने कहा कि भारत-चीन के बीच हुइ झड़प में चीन की तरफ कोई सैनिक नहीं मरा, सिर्फ हमारे जवान मारे गए हैं. हमने जवानों को लाठियां देकर क्यों बॉर्डर पर भेजा, क्या वहां RSS की शाखा थी? ऐसा है तो सैनिकों को क्यों आरएसएस के लोगों को ही बॉर्डर पर भेजो. वे सीमा पर पहरा देंगे.
इससे पहले लद्दाख सीमा पर 20 भारतीय सैनिकों की शहादत को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अग्रिम मोर्चे पर सैनिकों के निहत्थे जाने पर सवाल उठाया था. शुक्रवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है कि गलवान घाटी में चीन का हमला पूर्व नियोजित था. सरकार सो रही थी और समस्या से इनकार किया. हमारे शहीद जवानों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी.
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. सिंह ने कहा, ‘पहले कहा गया कि हमारे 3 जवान शहीद हुए हैं फिर बताया गया कि 20 जवान शहीद हुए हैं.
इसके बाद बताया गया कि हमारा कोई जवान चीन के कब्जे में नहीं है, लेकिन कल जानकारी मिली कि 10 जवानों को चीन से छुड़ाया गया है. ऐसे गंभीर मसले पर केंद्र की भाजपा सरकार देश से झूठ क्यों बोल रही है?.
भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव को मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस वर्चुअल बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत 20 पार्टियां हिस्सा लेंगी.

