👉राज्य में 5399 हैं पॉजिटिव केस
👉इन मामलों में 2695 सक्रिय केस
👉संख्या के आधार पर
👉जमशेदपुर अव्वल
👉रांची दूसरे नंबर पर
रांची: झारखंड में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. बीते एक सप्ताह से औसतन डेढ़ से दो सौ मरीज हर दिन मिल रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार तक राज्यों में 5399 पोजिटिव केस हो गये हैं. इसमें 2695 सक्रिय केस हैं. इलाज के बाद 2656 लोग ठीक हो चुके हैं. अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है.
इन जगहों का उपयोग संभव
मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही बेड घटते जा रहे हैं. राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में बेड कम हो गये हैं. इसके कारण कई कोरोना मरीजों को डॉक्टरों ने होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी है. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने चार नये कोविड सेंटर बनाये हैं.
हालांकि मरीजों की लगातार आ रहे नये मामलों को देखते हुए इसके भी पर्याप्त होने की उम्मीद कम है. ऐसे में विकल्पों पर विचार जरूरी है.
इस क्रम में खाली पड़े स्टेडियम, मैदान, खाली पड़े सरकारी भवनों का इस्तेमाल किया जा सकता है. टाटा कंपनी झारखंड में ही है. कई स्वयंसेवी संस्था अब भी सहायता के लिए आगे आ रहे हैं.
दिल्ली की तर्ज पर संभव
दिल्ली की तरह झारखंड सरकार भी अस्थायी कोविड अस्पताल बना सकता है. दिल्ली में रिकॉर्ड 12 दिनों में डीआरडीओ और टाटा संस ने इसे बनाया है. यहां मौजूद अधिकांश बुनियादी चीजें जैसे बेड, मैट्रेस इत्यादि विभिन्न सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा दान किए गए हैं.
चार नए कोविड केयर सेंटर
कोविड-19 के संभाव्य प्रसार को देखते हुए रांची जिला प्रशासन आमजनों की देखभाल के लिए तैयारी कर रही है. एसिम्प्टोमैटिक संक्रमित मरीजों के लिए उपायुक्त के निर्देश पर चार नए भवनों को कोविड केयर सेंटर के रूप में तैयार कर लिया गया है.
फौरी तौर पर जिन भवनों को कोविड केयर सेंटर के रूप में विकसित किया गया है. उनमें सर्ड, पारस एचईसी, टाना भगत अथितिशाला एवं रिसालदार अर्बन सीएचसी को कोविड केयर सेंटर में बदला गया है.
ये है बेड की संख्या
- सर्ड – 93
- पारस एचईसी- 50
- रिसालदार अर्बन सीएचसी- 90
- टाना भगत अतिथिशाला- 80
- आईसीयू बेड की भी सुविधा
एचईसी पारस हॉस्पिटल में आपात स्थितियों से निपटने से हेतु आईसीयू बेड की भी सुविधा उपलब्ध है. जहां जरूरत पड़ने पर संक्रमित मरीज को बेहतर इलाज के लिए किसी और अस्पताल में ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी.
रांची उपायुक्त छवि रंजन ने कहा कि रांची जिला में कोविड 19 से संक्रमित ज्यादातर मरीज एसिम्प्टोमैटिक श्रेणी में आते हैं. इसके मद्देनजर रांची में चार नए कोविड केयर सेंटर तैयार कर लिए गए हैं, जहां कोविड 19 से संक्रमित मरीजों की चिकित्सकों की उपस्थिति में देखरेख की जा सकेगी.
निर्देश के पालन की अपील
रांची उपायुक्त ने कहा कि अधिक जरूरी बात ये है कि हम खुद को कितना ज्यादा बचा कर रखते हैं. उन्होंने लोगों से अपील है कि सरकार के निर्देशों का पालन करें.
घरों से कम से कम निकलें. संभव हो तो बाहर नहीं निकलें. हाथों की लगातार साफ-सफाई करते रहें. बाहर निकलने पर मास्के जरूर पहनें.
रांची दूसरे स्थान पर
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना पॉजिटिव मामले में जमशेदपुर 830 के साथ पहले स्थान है. रांची 727 के साथ दूसरे स्थान पर है. हजारीबाग 392 के साथ तीसरे और सिमडेगा 387 के साथ चौथे स्थान पर है.
बीते 12 दिनों में मिले मरीज
तारीख संख्या
- 7 जुलाई 179
- 8 जुलाई 136
- 9 जुलाई 170
- 10 जुलाई 156
- 11 जुलाई 162
- 12 जुलाई 94
- 13 जुलाई 204
- 14 जुलाई 268
- 15 जुलाई 330
- 16 जुलाई 229
- 17 जुलाई 305
- 18 जुलाई 289
(आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के हैं)
महज 12 दिनों में तैयार हुआ कोविड अस्पताल
दिल्लीा में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्थायी कोविड-19 अस्पताल बनाया गया है. रिकॉर्ड 12 दिनों में डीआरडीओ और टाटा संस ने इसे बनाया है. इसका आकार फुटबॉल के करीब 20 मैदानों जितना है. इसमें 200 अहाते हैं, सभी में 50 बेड लगे हैं.
यह बिना लक्षण वाले उन संक्रमित लोगों के लिए उपचार केंद्र है, जिनके घर पर अलग रहने की व्यवस्था नहीं है. इस केंद्र के संचालन के लिए नोडल एजेंसी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) है, जबकि दिल्ली सरकार प्रशासनिक मदद दे रही है.
राधा स्वामी सत्संग व्यास के स्वयंसेवक केंद्र के संचालन में सहायता दे रहे हैं. यहां मौजूद अधिकांश बुनियादी चीजें जैसे बेड, मैट्रेस इत्यादि विभिन्न सामाजिक संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा दान किए गए हैं.

