यूपी में प्रदूषण बड़ी तेजी के साथ फ़ैल रहा है. वहीं यहां की नदियां भी कम प्रदूषित नहीं है. ऐसे में गंगा जैसी पवित्र नदी में प्रदूषण फ़ैलाने वालों के खिलाफ अब मोदी सरकार सख्त कदम उठाएगी. जल्द ही गंगा को प्रदूषित करने वालों को खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.
सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार गंगा की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए बिल पेश करने वाली है. इसके तहत गंगा में प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है. जानकारी के मुताबिक अब ऐसा करने वालों को 5 साल की जेल तथा 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
जलशक्ति मंत्रालय ने बिल का खाका तैयार कर लिया है और इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है. इस बिल में 13 चैपटर्स हैं. इसमें गैरकानूनी निर्माण कार्य, पानी के बहाव को रोकना, गंगा में गंदगी जैसे कई प्रावधान शामिल किये गए हैं.
बिल में कहा गया है कि अगर कोई बिना अनुमति के गंगा की धारा की बहाव में रुकावट पैदा करता है तो फिर उस पर ज़्यादा से ज़्यादा 50 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं अगर कोई गंगा के तट पर रहने के लिए घर या बिजनेस के लिए कोई कंसट्रक्शन करता है तो उसे पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान होगा.
मोदी की केंद्र सरकार गंगा को बचाने के लिए एक खास पुलिस फोर्स भी तैयार करेगी. इसके अलावा पीएम की देख रेख में नेशनल गंगा काउंसिल भी बनाया जाएगा. पीएम मोदी के अलावा इस काउंसिल में उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीएम भी शामिल होंगे.

