रांची : रिम्स GNM स्कूल ऑफ नर्सिंग रांची की छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाई तो उन्हें धमकी मिल रही है. विदित हो कि कल GNM की 2017- 20 की छात्राओं ने छुट्टी मांगने और हॉस्टल मेस की शिकायत लेकर रिम्स की डायरेक्टर के पास गई एवं ज्ञापन दिया. उस के बाद से वहां की प्रिंसिपल थायमम्मा पीटी एवं उनके सहयोगी फैकल्टी ने सारे छात्राओं को डराना धमकाना शुरू किया. मेंटली टार्चर किया जा रहा। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि पूरे कोरोना पीरियड में सभी होस्टल कॉलेज बंद करने का आदेश था तो GNM के 3rd ईयर के छात्राओं को क्यों रोका गया.
इंदरजीत सिंह ने झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मिल कर मामले की जांच करने की मांग की है. उन्होंने सभी को 15 दिन की छुट्टी दी जाए एवं प्रिंसिपल पे करवाई की मांग भी की है.
छात्राओं को जबरदस्ती हॉस्पिटल में काम करने को बोला जा रहा. जबकि पोस्ट बेसिक और BSC नर्सिंग सबको छुट्टी दे दिया गया है और सब अपने घर पे है. ड्यूटी करने के लिए भी जब तैयार सभी छात्राओं ने बोला कि कोरोना का डर सबको है उन्हें भी पूरी सुरक्षा के साथ PPE किट के साथ ड्यूटी भेजा जाए. छात्राओं ने बिना सुरक्षा किट के ड्यूटी जाने से मना कर दिया तो सभी को हॉस्टल में ही कैद कर दिया गया.
मेस के नाम पे भी धांधली
यहां की छात्राओं से मेस फीस के नाम पे आजतक कोई रसीद नही दिया गया. न खाने की क्वालिटी है, न काम करने वाले स्टाफ. छात्राओं से जबरदस्ती सब्ब्जी कटवाया जाता, रोटी बेलवाया जाता। खुद से वहां की प्रिंसिपल कभी भी फीस अपनी मर्जी से बढ़ा देती. होस्टल ड्यूटी में जिसकी भी ड्यूटी लगती है उसके साथ अत्याचार किया जाता है.
हॉस्टल की छत कभी भी गिर सकती है. होस्टल में बाथरूम की स्थिति ऐसी की कोई अंदर न जाये. वाटर प्यूरीफायर तक नही है. नल के पानी में कीड़े निकलते है.
10 दिन की सिर्फ छुट्टी मांगी, आवाज उठाई तो कल से लगा दी गयी ड्यूटी, बढ़ा दिया गया मेस फीस
कल से सभी की ड्यूटी लगा दी गयी है, और बोला जा रहा जो ड्यूटी नही करेगी उसे फेल कर दिया जाएगा. रेस्टीकेट कर दिया जाएगा. प्रिंसिपल बोलती है कि अगर कोरोना का इतना डर है तो नर्स क्यों बनने आयी हो.
छात्राओं ने बताया कि उनको मेन्टल टार्चर किया जा रहा. स्टूडेंट्स को मजबूर कर के जबरदस्ती लिखवाया जा रहा कि सुसाइड भी कोई करे तो इसकी जिम्मेवारी कोई फैकल्टी की नही।जान से मारने की धमकी दी जा रही. कॉलेज के एग्जाम समय इंटरनल एक्सटर्नल के नाम पे हजारों रुपये लिए जाते है.
छात्राओं से जबरदस्ती एप्लीकेशन पे हस्ताक्षर करवाया जा रहा. छात्राओं का बुरा हाल है. जो भी स्टूडेंट कुछ भी शिकायत करती है तो उसे बैक करने की धमकी दी जा रही.
NSUI ने मामले की जांच एवं प्रिंसिपल को हटाने की मांग की.

