रांची: राज्य के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. योगेंद्र साव ने एनटीपीसी के खिलाफ बड़कागांव सत्याग्रह के मामले में 22 और अतिरिक्त गवाहों के नाम दर्ज करने का विरोध किया है और इसे नियमों के खिलाफ बताया है.
सोमवार को जस्टिस आनंद सेन की अदालत में योगेंद्र साव की ओर से बताया गया कि इस मामले में निचली अदालत में सुनवाई चल रही है. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 18 गवाहों की सूची दी गयी थी. गवाहों के बयान अंतिम चरण में थे, तभी अभियोजन पक्ष ने 22 और गवाहों की सूची अदालत में पेश की और अदालत ने भी इसे स्वीकार कर लिया. योगेंद्र साव की ओर से बताया गया कि गवाहों की सूची को एक बार मंजूरी मिलने के बाद उसमें नए नाम को जोड़ना उचित नहीं है. सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.

