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प्लस टू सरकारी उच्च विद्यालय के मात्र दो कमरों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 700

by bnnbharat.com
December 19, 2020
in समाचार
प्लस टू सरकारी उच्च विद्यालय के मात्र दो कमरों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 700
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माओवादी नक्सलियों द्वारा 10 वर्षों पूर्व उड़ा दिए गए थे स्कूल भवन

चतरा: आज देश में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं और इसकी महत्ता को देखते हुए सरकारों द्वारा खासकर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करने अथवा स्कूल चलो अभियान जैसी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से उन्हें प्रेरित करने का काम किया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां सरकार के इन प्रयासों से बच्चे मोटिवेट होकर स्कूल तो जाने लगे है, किंतु अपर्याप्त भवनों तथा सीमित संसाधनों की वजह से इनके पठन-पाठन का कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है.

जी हां इसी तरह का कुछ मामला देखने को मिला झारखंड के चतरा जिले में. दरअसल हम बात कर रहे हैं जिले के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित प्रतापपुर प्रखंड के कौरा गांव स्थित एक सरकारी प्लस टू विद्यालय की, जहां बच्चों की पढ़ाई के लिए भवन तो खड़े हैं, किंतु आपको यह सुनकर बेहद अटपटा लगेगा कि इस स्कूल में पढ़ने वाले तकरीबन 700 बच्चों की यहां एक बड़ी संख्या है और इस स्कूल भवन में पढ़ने की खातिर मात्र दो ही कमरे है जहां यह काफी मशक्कत से अपनी पढ़ाई कर पाते हैं. हालांकि इन बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या यहां  7 बताई जाती है. गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने इधर वैश्विक महामारी कोविड-19 को लेकर बंद पड़े स्कूलों को आगामी 21 तारीख से खोलने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं.

बताते हैं कि तकरीबन 10 वर्षों पूर्व एक नक्सली वारदात में माओवादी नक्सलियों द्वारा इस स्कूल भवन के कई हिस्सों को उड़ा दिया गया था. उसके बाद से आज तक भवन का जीर्णोद्धार अथवा नए भवन का निर्माण कार्य नहीं कराया जा सका. कहा जाता है कि कमरे के अभाव में बच्चे खुले आसमान या फिर पेड़ के नीचे अपनी पढ़ाई करने को विवश है. वही इस स्कूल की चारदीवारी भी ना होने के कारण छात्रों के अलावा स्कूल प्रबंधन को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

इधर स्कूल के एक शिक्षक मंगलानंद शर्मा बताते हैं कि कई बार इस पूरे मामले के संदर्भ में अधिकारियों को लिखा गया तथा सभी विषयों से उन्हें अवगत कराया जा चुका है किंतु इस दिशा में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. वहीं दूसरी ओर बच्चों के एक परिजन रोशन विश्वकर्मा भी विद्यालय की परिस्थितियों से इत्तेफाक नहीं रखते और बच्चों की पढ़ाई को लेकर इन्हें सुविधाएं देने की फरियाद कर रहे हैं.

दूसरी तरफ इस मामले में चतरा के उपायुक्त दिव्यांशु झा को जब इन सारी बातों से अवगत कराया गया तो उन्होंने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कहा कि स्कूल के भवन निर्माण का प्राक्कलन जल्द ही तैयार कर इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा. इस मौके पर उन्होंने एक वर्ष के अंदर स्कूल भवन के निर्माण कार्य को पूरा कर लिए जाने का भी भरोसा दिलाया

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