“ऐ मेरे दिल”
सही को सही,
और गलत को गलत,
कहना आ गया।
ऐ मेरे दिल,
ये कौन सा रास्ता तुझको भा गया।
पता है तुझे, अब तू अकेला रह जायेगा,
यहां तेरा अपना ही,
अब तुझे बेगाना करने आयेगा।
तेरी नादानी का अंजाम,
मुझे भुगतना होगा,
अब मजबूरी में ही सही,
तेरे चक्कर में,
मुझे भी सत्य कहना होगा।

अंकिता जैन ‘ अवनी’

