रांची: राज्य सरकार देश में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन की वजह से झारखंड राज्य से बाहर फंसे सभी झारखंड वासियों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है. श्रम विभाग द्वारा जारी किए गए टॉल फ्री नम्बर्स पर अबतक 34,118 कॉल्स प्राप्त हुए हैं, जिसमें राज्य के बाहर 9,67,149 लोगों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है.
राज्य सरकार द्वारा झारखंड मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना ऐप में कुल 3,06,786 लोगों ने अपना निवेदन रजिस्टर्ड किया है. जिसमें जिलों द्वारा 2,63,013 लोगों के निवेदन को मान्यता प्रदान किया गया है. इन मान्यता प्राप्त निवेदनों में 2,62,027 को पीएफएमएस के लिए भेजा गया है. जिलों द्वारा 41,709 निवेदन रद्द किए गए हैं.
प्राप्त आंकड़ो के अनुसार राज्य के बाहर 14,948 जगहों पर 6,61,583 प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की जानकारी प्राप्त हुई है. अब तक सरकार द्वारा 14,507 जगहों पर फंसे 5,28,610 मजदूरों के खाने एवं रहने की व्यवस्था की गयी है. सभी लोगों के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हर संभव मदद पहुंचायी जा सके.
मुख्यमंत्री दीदी किचन के संचालन में सखी मंडल की करीब 28 हजार महिलाएं दिन-रात मेहनत कर रही
राज्य सरकार अपने सारे संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है कि पूरे राज्य में जारी लॉकडाउन की वजह से गरीब लोगों के सामने खाने की समस्या उत्पन्न न हो. इस हेतु खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा लोगों तक विभिन्न योजनाओं के तहत राशन एवं खाना पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है.
विभाग द्वारा प्राप्त आंकड़ो के अनुसार अब तक राज्य में सभी राशन कार्ड धारकों के बीच अप्रैल एवं मई माह का लगभग शत प्रतिशत अनाज वितरित किया गया है. इसके साथ ही विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जरूरतमंदों तक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
दाल भात के विभिन्न केंद्रों द्वारा रोजाना लाखों लोगों को पका हुआ भोजन खिलाया जा रहा है. इस कार्य मे मुख्यमंत्री दीदी किचन द्वारा लॉकडाउन के समय हर लाचार, जरुरतमंद एवं असहाय को सम्मान पूर्वक दो वक्त का भरपेट भोजन कराया जा रहा है.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य भर में सखी मंडल की बहनों के जरिए शुरू की गई. मुख्यमंत्री दीदी किचन के जरिए अब तक 1.2 करोड़ से ज्यादा गर्म भोजन की थाली परोसी जा चुकी है. राज्य के सभी पंचायतों में कुल 6934 मुख्यमंत्री दीदी किचन संचालित किए जा रहे है जिसके जरिए रोजना 5 लाख से ज्यादा भोजन की थाली जरुरतमंदों को मिल रही है.
ग्रामीण झारखंड के लाचार, असहाय, अतिगरीब, मजदूर एवं उनके परिवार समेत हर जरुरतमंद को दो वक्त का खाना यहां परोसा जा रहा है. 3 अप्रैल से शुरू किए गए मुख्यमंत्री दीदी किचन के संचालन में सखी मंडल की करीब 28 हजार महिलाएं दिन-रात मेहनत कर रही है.
सखी मंडल की महिलाएं लाचार एवं दिव्यांग लोगों को जो दीदी किचन तक चलकर नहीं आ सकते उनके घर तक खाना पहुंचाने का भी काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री दीदी किचन के संचालन में फिजिकल डिस्टेंसिंग, स्वच्छता एवं हैंडवाशिंग पर खास ध्याद दिया जा रहा है.
इसके अलावा सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न राहत कैम्पों में 2,74,327 प्रवासी मजदूरों को खाना खिलाया जा रहा है. एनजीओ एवं वॉलिंटियर्स के विभिन्न टीमों द्वारा राज्य में विभिन्न जगहों पर अबतक 44,07,137 लोगों को खाना खिलाया गया है. साथ ही 46,587 आकस्मिक राहत पैकेट का वितरण भी जरूरतमंदों के बीच किया गया है.
कोविड -19 सम्बन्धित मामलों पर राज्य स्तरीय कोरोना नियंत्रण कक्ष द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा रही
राज्य स्तरीय कोरोना नियंत्रण केंद्र द्वारा राज्य में लोगों के कोरोना से सम्बन्धित हर तरह की समस्याओं का समाधान एवं सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. कोरोना नियंत्रण केंद्र में कोविड -19 से संबंधित किसी भी तरह की सहायता हेतु टॉल फ्री नम्बर 181 पर सम्पर्क किया जा रहा है.
देवघर के बृजेश कुमार प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते हैं लॉकडाउन होने के कारण उनके पास राशन का संकट उत्पन्न हो गया. उन्होंने कोरोना नियंत्रण केंद्र में संपर्क कर अपनी समस्या जिसपर नियंत्रण कक्ष द्वारा जिला प्रशासन से संपर्क किया गया. जिला प्रशासन द्वारा बृजेश कुमार को राशन उपलब्ध कराई गयी.
हजारीबाग जिले की मनी मसोमात को वृद्धा पेंशन की राशि का भुगतान दिसंबर 2019 से नहीं किया जा रहा था. लॉकडाउन में इनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई. उनके द्वारा नियंत्रण कक्ष में संपर्क किया गया. जिस पर नियंत्रण कक्ष ने जिला प्रशासन की सहायता से ही इन्हें लंबित राशि का भुगतान करा दिया गया.
मेदिनीनगर के स्टेशन रोड क्षेत्र में सफाई और सैनिटाइजेशन विगत 15 दिन से नहीं हुआ था कॉलोनी के सूरज कुमार ने इसकी शिकायत की जिसपर त्वरित करवाई करते हुए नगर निगम द्वारा अगले दिन पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज किया तथा साफ-सफाई कराई गई.
लॉकडाउन होने के कारण सरायकेला के श्यामल गोप के परिवार के समक्ष राशन की समस्या उत्पन्न हो गयी. नियंत्रण केंद्र द्वारा संबंधित जिला प्रशासन के समन्वय स्थापित कर उन्हें राशन उपलब्ध करा दिया गया.
राज्य स्तरीय कोरोना नियंत्रण केंद्र में अबतक 28,606 मामले, कार्रवाई हेतु संबंधित जिलों एवं विभागों को अग्रसारित कर दिया गया है. इनमें से अबतक 22,851 मामलों पर जिलों द्वारा सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है.
शेष बचे मामलों पर कार्रवाई की जा रही है. नियंत्रण केंद्र में खाद्य आपूर्ति से संबंधित 15,337 विधि व्यवस्था से संबंधित 1,273 चिकित्सा से संबंधित 1,399 झारखंड में फंसे व्यक्ति से संबंधित 1,839 एवं अन्य 3,003 शिकायतों का समाधान किया गया.

