रुस्तम अंसारी के साथ की यादों को किया साझा
रांचीः- आप्त सचिव रुस्तम अंसारी 34 वर्षों की सेवा के बाद शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए. सेवा के अंतिम दिन तमाम अधिकारियों एवं कर्मियों ने ग्रामीण विकास विभाग सभागार में एक सादे समारोह में उन्हें भावभीनी विदाई दी. उनके जीवन की एक नई पारी की शुभकामना दी और अच्छे स्वास्थ्य की मंगलकामना की.
गलत होता देख चुप नहीं रह सकते : रुस्तम अंसारी
इस अवसर पर रुस्तम अंसारी ने कहा कि वे सेवा काल के दौरान अपने तमाम सहयोगियों से मिले स्नेह और सहयोग को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते. उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि उन्हें उन जैसा सहयोगी मिला. कहा, सेवा समाप्ति के अवसर पर सोचता हूं तो स्मृति की दीप शिखाएं जल उठती हैं. मैं उसमें खो जाता हूं. सब बयान नहीं कर सकता. जीवन के इस मोड़ पर (सेवानिवृत्ति के समय) परिस्थितिवश लेकिन सहयोगियों का अपनापन परिवार सरीखा ही है. कहा, रोजमर्रा के काम के दौरान कभी-कभी सहयोगियों से अप्रसन्न भी हुआ. गुस्सा भी जाहिर की, लेकिन मेरे व्यक्तिगत संबंध हमेशा अच्छे रहे. कहा कि मनरेगा आयुक्त के नेतृत्व में प्रशासन को नई दिशा मिलेगी. वे एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो गलत होता देख चुप नहीं रह सकते. वहीं वह किसी निरीह की मदद के लिए किसी भी हद तक जाने का माद्दा रखते हैं.
विदाई समारोह में ये थे शामिल
विदाई समारोह में श्री बैजनाथ राम , श्री पंकज राणा, श्री संदीप कुमार, श्रीमती रेशमी कुमारी , श्रीमती शिप्रा रानी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
