रांची : झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डाॅ रवि रंजन की पहल पर चान्हों प्रखंड के रानीचांचो गांव की 22 वर्षीय विक्षिप्त महिला देवकी टोप्पो का ईलाज कराया गया. मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार नवनीत कुमार ने पीडिता के ईलाज के लिए डालसा सचिव को टीम गठित करने को कहा था.
इस निर्देश के आलोक में डालसा सचिव ने अविलंब एक टीम गठित कर पीड़िता के घर चान्हो भेजा और पीड़िता को हर संभव मदद पहुंचाने की व्यवस्था की. उक्त टीम में पीएलवी बबली कुमारी, अनिता कुमारी और भारती देवी ने जाकर पीड़िता एवं उसके परिजनों से मुलाकात कर पीड़िता का हाल जाना.
पीड़िता बाईस वर्ष की है. पीड़िता की माता-पिता की आर्थिक स्थित अच्छी नहीं है. पिता खेती-बारी का काम करके अपना जीविका किसी तरह से चलाते है. उनके पांच बच्चे है बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण हर साल कमाने भट्ठा पर जाते है. पैसे की कमी के कारण वे बेटी का सही ढंग से ईलाज नहीं करा पा रहे थे.
डालसा की टीम पीड़िता को उनके परिजन के साथ उचित ईलाज हेतु रिनपास, रांची लेकर आये. चिकित्सकों ने जांच के बाद कहा कि इन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं हैं, दवा देने पर ठीक हो जायेगा. इसके बाद पीड़िता को रिनपास से दवा उपलब्ध कराया गया और एक दवा रिनपास में उपलब्ध न होने के कारण बाहर से व्यवस्था कराकर पीड़िता को प्रदान की गयी. उक्त टीम पीड़िता का निरंतर ध्यान रखकर दवा उपलब्ध कराते रहेगी.
ज्ञात हो कि विज्ञत कई मामलों में माननीय मुख्य न्यायाधीश का मानवीय चेहरा सामने आया है. उनके आदेश से कई मानसिक रोगियों को रिनपास में ईलाज हेतु भरती कराया गया.पिछले दो महीने में लगभग 15 मानसिक रोगियों को डालसा के द्वारा रिनपास में उचित ईलाज हेतु भर्ती कराया गया और लगभग 150 लोगों को दवायें उपलब्ध कराकर उनके घर तक भेजवाया गया.

