रांची: झारखंड में अब तक मंत्रिमंडल विस्तार पूरा नहीं हो पाया है और मुख्यमंत्री समेत तीन मंत्रियों ने शपथ ले ली है, लेकिन विभागों का बंटवारा नहीं होने से सरकार के काम में अभी तेजी नहीं हो पायी है. वहीं अभी मुख्यमंत्री सचिवालय के ट्विटर हैंडल टीम पूरी तरह से सक्रिय है. विभिन्न जिलों से जो भी शिकायतें आ रही है या फिर समाचार पत्रों के माध्यम से समस्याएं सामने आ रही है, सीएम सचिवालय का ट्विटर हैंडल उस पर फौरन एक्शन लेता है और संबंधित जिलों के उपायुक्त या विभागीय अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई का आग्रह करता है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्विटर हैंडल पर प्रतिनिधि कई जनसमस्याओं को लेकर टैग किये जा रहे है और सीएम सचिवालय इन सभी मामलों में संबंधित जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक या अन्य विभागीय प्रमुख को सूचित कर त्वरित कार्रवाई का निर्देश देता है. मुख्यमंत्री सचिवालय से निर्देश प्राप्त होते ही स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो जाता है और कार्रवाई के बाद ट्वीट कर ही मुख्यमंत्री सचिवालय को सूचना दी जाती है, जिसके बाद सीएम सचिवालय की टीम उस कार्रवाई को ट्वीट कर मीडिया को यह जानकारी उपलब्ध कराती है कि संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई हो चुकी है.
मुख्यमंत्री सचिवालय और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ट्वीट पर पिछले एक पखवाड़े में दर्जनों मामले पर त्वरित कार्रवाई हुई है, इससे शिकायकर्ताओं में भी खुशी है.
इधर, विभागों का बंटवारा अब तक नहीं होने पर कांग्रेस और राजद कोटे से मंत्री बने रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम और सत्यानंद भोक्ता का ज्यादातर समय अपने पार्टी कार्यालय, कार्यकर्त्ताओं अथवा क्षेत्र में ही बीत रहा है. बताया गया है कि पूर्ण रूप से मंत्रिमंडल विस्तार हो जाने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा विभागों का बंटवारा किया जाएगा और यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि विभागों का बंटवारा भी एक सप्ताह के अंदर कर लिया जाएगा.

