चंडीगढ़: चंडीगढ़ स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल- 16 में मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है . ब्रेस्ट कैंसर के डाइग्नोस्टिक के लिए डेढ़ करोड़ की हाइटेक मशीन तो खरीदी जा चुकी है, लेकिन ट्रेंड टेक्निकल स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. नतीजन जिस मशीन से पीजीआई में प्रतिदिन 30 से 40 मेमोग्राफी टेस्ट होते हैं, यहां महज तीन से चार टेस्ट हो रहे हैं.
सुविधा उपलब्ध होते हुए उसका लाभ न मिलने से मरीजों को निजी सेंटरों में दोगुने से भी ज्यादा पैसे खर्च कर जांच कराना पड़ रहा है. ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए जीएमसीएच में मेमोग्राफी टेस्ट शुरू करने की योजना बनाई गई थी. इसके तहत 2019 में डेढ़ करोड़ की लागत से हाइटेक मेमोग्राफी मशीन की खरीद की गई.
अप्रैल 2019 में उसका ट्रायल कर जांच शुरू हुआ. मशीन इंस्टॉल हुए 10 महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक उसे चलाने के लिए एक भी टेकभनीकल स्टाफ को ट्रेनिंग नहीं दी गई है। ऐसी स्थिति में अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट ही जीएमएसएच के साथ ही मनीमाजरा व सेक्टर 22 के हेल्थ सेंटर के एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड की रिपोर्टिंग से जुड़े काम पूरा करने के बाद बचे हुए समय में मेमोग्राफी टेस्ट कर रहे हैं.
अस्पताल प्रशासन इस व्यवस्था को सुधारने का प्रयास कर रहा है, जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिल सके.

