रांची: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में राज्य के स्थापना दिवस व भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर उपवास करेंगे. झारखंड आंदोलनकारी अपने-अपने जिलों व प्रखंडों में महापुरुषों के प्रतिमा के समक्ष यह उपवास रखेंगे.
इस उपवास कार्यक्रम के आरंभ में लोहरदगा के सुका टाना भगत, तलत महमूद, बोकारो के राजेंद्र महतो, रांची के वसीर अहमद, गुमला की निर्मला सिन्हा एवं गिरिडीह के अखिल चंद्र महतो के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए 2 मिनट का मौन रखा जाएगा.
प्रखंड एवं जिला स्तर से झारखंड आंदोलनकारी गण अपने 14 सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम पत्र प्रेषित करेंगे. उक्त कार्यक्रम की जानकारी देते हुए झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के प्रधान महासचिव अजीत मिंज ने बताया कि झारखंड आंदोलनकारियों को आज कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए भी निरंतर अपने मान-सम्मान, पहचान, पेंशन एवं सभी राजकीय सुविधाओं के लिए एक संघर्ष, एक हुल-उलगुलान करना है.
आज झारखंड आंदोलनकारियों की पहचान ही नहीं बल्कि झारखंड आंदोलनकारी ही मिट रहे हैं. यह विडंबना है कि आज अपने ही घर में हम परदेसी बन गए हैं. परिस्थितियां जो भी हो झारखंड लड़ कर लिए हैं और अब मान-सम्मान, पेंशन, सुविधाएं लड़ कर लेंगे.

