उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश बोर्ड के 10वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए प्रारम्भ की गई ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था पहले दिन बेपटरी दिखी. शुक्रवार को केमिस्ट्री व गणित की कक्षाओं में लिए गए टॉपिक बहुत ही जल्दबाजी में सारे करा दिए गए.
शिक्षकों का बोलना है कि जिन टॉपिक को उन्हें पढ़ाने में 10 दिन का समय लगता है, वह टॉपिक एक घंटे में सारे कराए गए. इसके अतिरिक्त हरे बोर्ड पर लिखने की वजह से विद्यार्थियों को कई चीजें समझ में नहीं आईं.
उत्तर प्रदेश बोर्ड के बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए केंद्र सरकार के खुद प्रभा पोर्टल से पढ़ाई प्रारम्भ करा दी गई है. इसका सजीव प्रसारण दूरदर्शन चैनल-28 पर प्रातः काल 11 बजे से एक बजे व पुन: प्रसारण शाम 4:30 से 6:30 बजे होना था.
शुक्रवार को ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन में कुछ बच्चों को स्कूल में ही बुलाकर प्रसारण दिखाया. डीआईओएस सतीश तिवारी का बोलना है कि विषयानुसार ही पढ़ाई जारी रहेगी. बता दें कि स्वयंप्रभा पोर्टल पर देश भर के शिक्षक अपने विषय संबंधी वीडियो भी अपलोड करते हैं.
ओंकारेश्वर स्कूल के गणित के शिक्षक मनीष श्रीवास्तव ने बोला कि लिमिट जैसे टॉपिक को पढ़ाने में कम से कम 10 दिन का समय लगता है, इसे बहुत ज्यादा बेहतर तरह से समझाना पड़ता है. सजीव प्रसाण में शिक्षकों ने इसे एक घंटे में ही पढ़ा दिया. बच्चों को साफ दिखाई भी नहीं दे रहा था. बोर्ड में लिखावट साफ नहीं थी.
ओंकारेश्वर स्कूल के फिजिक्स के शिक्षक राजेश कुमार मिश्रा ने बोला कि अंग्रेजी का अधिक इस्तेमाल किया गया. फिजिक्स को केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक ने पढ़ाया, बेसिक चीजों के बारे में जानकारी भी दी. लेकिन वह 60 प्रतिशत अंग्रेजी का प्रयोग कर रहे थे. सरकारी स्कूलों के बच्चों को यह समझ में आना कठिन है.

