रांची: सरकार के जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी सड़क से सदन तक विरोध करेगी. यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक में हुई. इसकी जानकारी राजमहल के विधायक अनंत कुमार ओझा ने दी.
उन्होंने कहा कि सरकार जनविरोधी लैंड म्यूटेशन बिल लाने को आतुर है. जल जंगल और जमीन लूटने वाले अधिकारियों को खुली छूट देने का निर्णय सरकार ने लिया है. यूपीए की हेमंत सोरेन कि सरकार के निर्णय के खिलाफ सदन के अंदर और सदन के बाहर भी भारतीय जनता पार्टी विरोध करेगी, यह निर्णय विधायक दल की बैठक में हुई.
साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधी बेलगाम हो रहे है, उग्रवादी घटनाएं घट रही है, अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है, लॉ एंड ऑर्डर चरमरा गई है. सरकार के गिरते शासन व्यवस्था के खिलाफ पार्टी सोमवार को सदन में सरकार को घेरने का कार्य करेगी.
राज्य के ज्वलंत मुद्दे पर सरकार ने मौन साध रखा है. कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी में त्राहिमाम जनता को लेकर, नौजवानों को झूठा आश्वासन के खिलाफ, सहायक पुलिस कर्मियों को हटाए जाने को लेकर और बेरोजगारों की बड़ी फौज खड़े करने को लेकर पार्टी के विधायक सरकार को घेरने का काम करेगी.
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष की मान्यता के सवाल पर विधायक अनंत कुमार ओझा ने कहा कि सरकार का रवैया यह साबित करता है कि गैर लोकतांत्रिक व्यवहार इस सरकार में चल रहा है. हमारे आदरणीय नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सदन के अंदर नेता प्रतिपक्ष की मान्यता को लेकर राज्य की जनता की अदालत में जाएंगे.
मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के आवास में हुई.

