माण्डर/राँची:– मांडर प्रखण्ड के महुवाजड़ी में सरना स्थल पर लगे पेड़ को गांव के एक व्यक्ति प्रभु तिग्गा द्वारा काट दिये जाने से नाराज सरना धर्म के लोगों ने गुरुवार को गांव में ही बैठक कर पेड़ काटने का विरोध किया. विदित हो कि लगभग बीस वर्ष पहले प्रभु तिग्गा के पिता ही गांव के पहान थे परन्तु बाद में उन्होंने सपरिवार धर्मांतरण कर ईसाई धर्म स्वीकार कर लिए थे. पेड़ काटे जाने के सन्दर्भ में माण्डर के अंचलाधिकारी विजय हेमराज खलखो को एक आवेदन देकर पेड़ काटने वाले व्यक्ति प्रभु तिग्गा पर कानूनी करवाई करने की मांग की गई है. बैठक में सभी लोगों ने कहा कि सरना धर्म से खिलवाड़ करने पर बर्दश्त नहीं किया जायेगा. सरना स्थल और उस जगह पर लगे पेड़ पर सिर्फ सरना समाज का अधिकार है. मौके पर सभी सरना समाज के लोगों ने मिलकर उक्त स्थल पर एक बोर्ड लगा दिया. बैठक में मुख्य रूप से सरना बचाव समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव, पूर्व प्रमुख वुधवा उरांव, भाजपा अनूसुचित मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रदीप महली, प्रोफेसर गावा तिग्गा, विनोद उरांव, रामा तिग्गा, राजेश उरांव, गोविंद उरांव, वीरचन्द उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
