रांची: पद्मश्री से सम्मानित संथाली भाषा के विद्वान 81वर्षीय प्रोफेसर दिगंबर हांसदा का जमशेदपुर के करनडीह स्थित का आवास पर आजज लंबी बीमारी के बाद पर निधन हो गया. वर्ष 2018 में संथाली भाषा के विद्वान प्रो. दिगंबर हांसदा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था.इन्होंने भारतीय संविधान का संथाली भाषा की ओलचिकि लिपि में अनुवाद किया था. ये जमशेदपुर के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य थे.
इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शिक्षाविद पद्मश्री प्रो दिगम्बर हांसदा के निधन पर दुःख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि संताली भाषा को विश्व पटल पर ले जाने में प्रोफेसर हांसदा का अभूतपूर्व योगदान रहा है. उनका निधन शिक्षा और साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. परमात्मा उनकी आत्मा को शांति प्रदान कर परिवार को दुःख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति दें.

