नई दिल्लीः मांग के मुकाबले उत्पादन में कमी की वजह से पाकिस्तान अपनी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हो गया है. पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स के द्वारा जारी आंकड़ों की माने तो साल 2020-21 के पहले 8 महीने में पाकिस्तान का आयात बिल 50.29 प्रतिशत बढ़कर 534 करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है. पाकिस्तान का वित्त वर्ष जुलाई से जून तक चलता है.
आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान के कुल आयात बिल में खाद्य उत्पादों का हिस्सा बढ़कर 15.76 प्रतिशत हो गया है जो कि एक साल पहले 11.29 प्रतिशत के स्तर पर था. आठ महीने में पाकिस्तान का कुल आयात बिल पिछले साल के मुकाबले 7.67 प्रतिशत बढ़कर 33.89 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक ये आंकड़े साफ करते हैं कि पाकिस्तान के खाद्य उत्पादन में जबरदस्त कमी आई है, औऱ खाद्य सुरक्षा के लिए आयात पर निर्भरता हो गई है.
पाकिस्तान ने बीते 8 महीने में 33 लाख टन गेहूं का आयात किया है, जिसका बिल 91 करोड़ डॉलर है. खास बात ये ही कि बीते साल की इसी अवधि में गेहूं का कोई आयात नहीं किया गया था. वहीं चीनी का आयात बीते साल के मुकाबले 6000 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त रही है. इस दौरान पाकिस्तान ने 2.78 लाख टन चीनी का आयात किया. पाकिस्तान सरकार के मुताबिक गेहूं और चीनी का बफर स्टॉक बनाने के लिए इनका आगे भी आयात जारी रहेगा. आंकड़ों के मुताबिक पाम तेल, चाय, घी, दाल, मेवे, दुग्ध उत्पादों के आयात में भी इस दौरान तेज बढ़त देखने को मिलेगी.

