रांची: मुखिया संघ से मुलाकात के उपरांत बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि इस दिशा में स्थानीय समस्याओं के सुचारू रूप से निराकरण और जनहित में विकास कार्यों की सफलता तथा पारदर्शिता के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं पूर्व मुखिया को मिलाकर समिति गठित करने से ही विकास कार्य का संपादन हो सकेगा, क्योंकि पंचायत चुनाव में विलंब होने की स्थिति में पंचायत स्तरीय सारे अधिकार अफसरों के पास जाने की सूचना है और जनहित से जुड़े स्थानीय समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों का संपादन स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बेहतर कोई और नहीं कर सकता है.
इसीलिए झारखंड राज्य में भी दूसरे प्रदेशों यथा मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में पंचायत चुनाव में विलंब होने की दशा में पंचायत स्तरीय विकास कार्यों को जनप्रतिनिधियों तथा मुखिया की समिति बनाकर क्रियान्वित करने का कार्य किया जा रहा है और ऐसी व्यवस्था हमारे झारखंड प्रदेश में होना अति आवश्यक है जिसके लिए मैं प्रयासरत हूं.
ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश सरकार की तर्ज पर स्थानीय विकास कार्यों का क्रियान्वयन हेतु भारतीय संविधान के अध्याय 10 और 11 के तहत चुनाव ना होने की स्थिति में पूर्व की तरह ही जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विकास कार्य होना चाहिए ना कि अधिकारियों के माध्यम से, ऐसा करना ना सिर्फ भारतीय संविधान के अनुकूल होगा अपितु स्थानीय विकास कार्य में पारदर्शिता रहेगी तथा ग्रामीणों के अनुरूप और उपयोगी कार्य होंगे.

