खूंटी: खूंटी समाहरणालय के सामने विगत एक अक्टूबर से 9 सूत्री मांगों को लेकर खूंटी जिले के पंचायत सचिव हड़ताल पर है. राज्य के 24 में से 22 जिलों के पंचायत सचिव अपनी मांगों को लेकर अपने जिलों में हड़ताल पर डटे हैं. खूंटी जिले में भी 50 से ज्यादा पंचायत सचिव हैं, सभी हड़ताल में शामिल हैं. हड़ताल के कारण जिले के कई कार्य प्रभावित हैं. जन्म मृत्यु का रजिस्ट्रेशन, मनरेगा कार्य, चौदहवें वित्त आयोग से संबंधित कार्य, चुनाव कार्य, बीएलओ संबंधी कार्य अवरुद्ध हैं. झारखंड में इतने कार्य अवरुद्ध होने के बावजूद अब तक सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है. अब स्थानीय विधायक या मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा और 21 अक्टूबर को मोरहाबादी में राज्यभर के पंचायत सचिव जुटेंगे और मुख्यमंत्री का घेराव का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है.
राज्य स्तरीय पंचायत सचिव संघ के माध्यम से सरकार से 9 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल पर डटी है. मूल ग्रेड-पे में बढ़ोतरी की जाय. प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी के रूप में प्रोन्नति की जाय, मनरेगा कार्यों से मुक्त किया जाय और रोजगार सेवक का प्रभार देने की प्रक्रिया पर अविलंब रोक लगाई जाय. समेत विभिन्न मांगों को लेकर राज्यभर के पंचायत सचिव जिला मुख्यालय के सामने अनिश्चित हड़ताल कर रहे हैं.

