धनबाद: राजगंज रोड स्थित राजस्थानी समाज भवन में गुरुवार को प्रशासन की ओर से कोरोना जांच शिविर लगाया गया, जिसमें पुलिस के मौजूदगी में राहगीरों से जबरन जांच करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. सड़क पर आते-जाते प्रत्येक व्यक्ति व मोटरसाइकिल सवार को रुकवा कर उन्हें कोरोना जांच के लिये बोला जा रहा था. जिससे कारण राहगीरों में दहशत फैल गयी.
इसी क्रम में गुजराती मुहल्ले की रहने वाली एक महिला सब्जी लेने के लिए घर से निकली थी, जबरन कोरोना जांच की बात सुनकर वह घबरा गई और घबराहट में रोड पर गिर गई, जिसके कारण उसका हाथ फैक्चर हो गया. इसकी जानकारी जब घर वालों को पड़ी तो मुहल्ले के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया.
लोगों का कहना है कि जो भी सड़क पर चल रहे हैं, उनको जबरन पकड़ने की क्या जरूरत है. लोग स्वयं से कोरोना जांच करवाने को तैयार है, जबकि प्रशासन के लोग मोटरसाइकिल चैकिंग अभियान की तरह गाड़ी को रोककर जबरन कोरोना जांच करने को बोल रहे थे, जो कि गलत है. घायल महिला का इलाज स्थानीय नर्सिंग होम में चल रहा है.

