खास बातें:-
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बीएनएन भारत के सर्वे में 51 प्रतिशत अभिभावकों की यही राय
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महज 12 फीसदी अभिभावक पहले दिन के स्कूल भेजने के पक्ष में
रांची: वैश्विक महामारी कोरोना के चलते झारखंड सहित देश भर के स्कूल बंद हैं. जुलाई से स्कूलों के खुलने के कयास लगाये जा रहे हैं. अभी तारीख तय नहीं है. केंद्र और राज्य सरकारें स्कूल खोलने की अलग-अलग तारीखें बता रही हैं. इस बीच कोरोना के मामले झारखंड सहित देश में बढ़ते जा रहे हैं. इससे अभिभावक डरे हुए हैं. उन्हें बच्चों की चिंता हो रही है.
सर्वे के जरिये जानी अभिभावकों की राय-
स्कूल खोले जाने के कयास के बीच बीएनएन भारत ने अभिभावकों की राय जानने के लिए एक सर्वे किया। इसमें अभिभावकों से पूछा गया कि वे बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं या नहीं? यदि स्कूल खुलते भी हैं तो वे बच्चों को कब से स्कूल भेजना चाहेंगे? उनकी नजर में स्कूल कब से खुले चाहिए?
झारखंड के सभी जिलों के लोग शामिल-
सर्वे में झारखंड के विभिन्न जिलों से करीब सात हजार से अधिक अभिभावक शामिल हुए. उन्होंमने खुलकर अपनी बातें रखीं. बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई.
पहला मामला आया 31 मार्च को-
झारखंड में कोरोना का पहला मामला 31 मार्च को सामने आया था. मलेशियाई मूल की एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी. वह रांची के हिंदपीढ़ी में रहती थी. इसके बाद लगातार मामले आते जा रहे हैं. प्रवासी मजदूरों की वापसी के बाद इसमें तेजी आई है.
सर्वे में यह बात उभरकर आई सामने-
- 51 फीसदी अभिभावक कोरोना की वैक्सीन आने के बाद स्कूल खोलने के पक्ष में
- 24 फीसदी अभिभावक कोरोना खत्म होने के बाद स्कूल खोलने के पक्ष में
- 13 फीसदी अभिभावक स्कूल खुलने के कुछ समय बाद बच्चों को भेजने के पक्ष में
- 12 फीसदी अभिभावक पहले दिन से ही बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में
कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 2140-
झारखंड में कोरोना संक्रमित नये मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है. सोमवार को भी राज्य के विभिन्न जिलों में 42 नये कोविड-19 मरीजों की पहचान हुई.
इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2140 पहुंच गयी है. राज्य में अब तक 1469 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके है, वहीं सिर्फ 660 एक्टिव मरीजों का ईलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है.
अब तक राज्य में 12 संक्रमितों की मौत-
राज्यभर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 12 है. इनमें रांची के 5, बोकारो के 2, जबकि गुमला, हजारीबाग, सिमडेगा, कोडरमा और गिरिडीह में एक-एक मरीज की मौत हो चुकी है.

