रांची: देश के कई राज्यों के अभिभावक अपनी मांगों के समर्थन में धरना, आमरण अनशन सहित अन्य कार्यक्रम कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज अभिभावकों की ओर से मोरहाबादी स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप एक दिवसीय धरना दिया गया. धरना के माध्यम से अभिभावकों ने अपनी पीड़ा रखी और न्याय की मांग की.
संघ अपनी 8 सूत्री मांग की प्रति देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री, मानव संसाधन मंत्री, एनसीपीसीआर और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन की कॉपी ईमेल के माध्यम से भेजी है. कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे झारखंड अभिभावक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि देश में कोरोना की महामारी के कारण लॉकडाउन लगाए जाने के कारण अभिभावक गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि आज हालात काफी बद से बदतर हो गयी है ,प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले अभिभावक लगभग 70 फीसदी से 80 फीसदी तक पूरी तरह बेरोजगार हो गए है. झारखंड प्रदेश में 21 मार्च के पूर्व से स्कूल बंद हुए लगभग 04 महीने से भी ज्यादा का समय हो गया है.
उन्होंने कहा कि बंद स्कूलों द्वारा अभिभावकों से लगातार सभी प्रकार की फीस की मांग की जा रही है और फीस ना देने पर बच्चों की ऑन लाइन क्लास बाधित की जा रही है. ऐसे भी इस ऑनलाइन पढ़ाई के चक्कर में बच्चे मोबाइल पर गेम खेल रहे हैं. मोबाइल नहीं देने पर खाना पीना छोड़ रहे हैं. उनकी आंखों की रोशनी और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
यही बात पहले स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से कहते थे कि बच्चों को मोबाइल न दें. अब ठीक इसके उलट इसको अनिवार्य कर रहे हैं. क्या स्कूल जवाबदेही लेगी की अगर बच्चो की आंखों पर या मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ा तो उसके इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन देगा क्या?
अजय राय ने कहा कि पिछले 4 महीने से निजी स्कूलों से कोई सुविधा अभिभावकों द्वारा नहीं ली गई है. जैसे क्लास रूम स्टडी , लैब , ग्राउंड , बिजली आदि स्कूलों द्वारा बच्चों को बिना अनुमति के ऑन-लाइन क्लास दी गई है. वो भी आधी अधूरी तैयारी के साथ जैसा कि आप सभी जानते है. ऑन-लाइन क्लास डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन जैसी होती है, जिसका खर्च बहुत ही कम होता है. ऑन-लाइन क्लास के माध्यम से अभिभावकों को लगातार फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है.
राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो द्वारा पिछले 03 महीने अप्रैल से जून तक फीस माफ करने की बात कर रहे थे, उन्होंने खुद 9 जून 2020 की बैठक में अभिभावकों की मांग को दरकिनार कर स्कूल के पक्ष में फैसला लिया है और 25 जून को इसका आदेश निकाला. एकदिवसीय धरना में राजेश शर्मा रोमी, राजेश कुमार साहू, धनंजय आज़ाद, आलोक गेरा, धीरेंद्र मिश्रा, विद्याकर कुंवर बीरबहादुर सिंह, विजय सिंह, मुकेश साहू, अरविन्द पटेल, उमेश यादव, गोपाल शरण सिंह, संजय कुमार यादव, सुनील पाठक, मृत्युंरजय मुखर्जी, मनीष जैन व सुधीर कुमार सहित कई अभिभावक शामिल थे.
क्या है मुख्य मांग:
- -कक्षा 01 से कक्षा 8 तक ऑन लाइन क्लास पर रोक लगाई जाये.
- -लॉक डाउन अवधि ( अप्रैल , मई , जून ) की फीस माफ़ की जाये.
- -केंद्र सरकार द्वारा शुरु की गई क्लास वन से क्लास 12 तक चैनलों के माध्यम से सीबीएसई-आईसीएसई का भी समय निर्धारित कर पढ़ाई शुरू करायी जाये.
- -सरकारी विद्यालयों का जीर्णोद्धार और स्तरीय शिक्षा बहाल की जाये.
- -सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम सख्ती से लागू कराई जाये.
- -देश के अंदर एक शिक्षा एक बोर्ड एक पाठ्यक्रम लागू की जाये.
- -25 जून को राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश का सख्ती से अनुपालन हो
- -कोरोना की वैक्सीन आने और हालात सामान्य होने के बाद ही स्कूल खोले जायें.

