रांची: गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे को ट्वीटर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बारे लिखना मंहगा पड़ सकता है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सांसद निशिकांत दुबे के इस हरकत को गंभीरता से लिया है. मुख्यमंत्री सोरेन ने सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ कोर्ट में इंजक्शयन पीटिशन दायर कर उनके बारे में कुछ भी लिखने पर रोक लगाने की मांग की है.
मुख्यमंत्री द्वारा दुबे के खिलाफ एसीजेएम रांची की अदालत में दायर मानहानि मुकदमे की सुनवाई के दौरान मांग की थी कि अदालत सांसद दुबे को उनके बारे में ट्वीटर पर कुछ भी लिखने से रोके.अदालत ने इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 21 दिसंबर तय की है.
वहीं, निशिकांत दुबे के अधिवक्ता दिवाकर उपाध्यालय ने बताया कि मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरफ से पिछली दो तिथियों में किसी भी तरह उपस्थिति न होने पर अदालत ने एतराज जताया है.
ज्ञात हो कि गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ रांची सिविल कोर्ट में मिसलेनियस सिविल एप्लीकेशन भी दायर की गयी है. यह मामला भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ही दायर किया है. सिविल कोर्ट में मामले की सुनवाई सब जज-एक ही अदालत में चल रही है. मुख्यमंत्री सोरेन ने दर्ज मुकदमा में सांसद दुबे के अलावा ट्वीटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड व फेसबुक इंडिया ऑनलाइन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को भी पार्टी बनाया है. उन्होंने 4 अगस्त को मुकदमा दायर किया था.

