जमशेदपुर: एक तरफ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राज्य में स्वास्थ्य क्रांति लाने की बात करते हैं. दूसरी तरफ उनके गृह जिले के सरकारी अस्पतालों का बुरा हाल है. जहां कोल्हान का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल एमजीएम बदहाल स्थिति में है, तो दूसरी तरफ जमशेदपुर के खासमहल स्थित सदर अस्पताल का भी यही हाल है.
आपको बता दें कि सदर अस्पताल का जायजा लेने ना तो कभी कोई मंत्री पहुंचते हैं, ना कोई विधायक या अन्य जनप्रतिनिधि. ऐसे में आप समझ सकते हैं कि वहां की स्थिति क्या होगी.
उधर, कांग्रेस नेत्री अपर्णा गुहा बंगबंधु समाज के सदस्यों के साथ सदर अस्पताल पहुंची. जहां अस्पताल की बदहाली को देख खुद को नहीं रोक सकी और अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाते हुए अस्पताल में इलाजरत मरीजों को जरूरी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने की बात कही. साथ ही मरीजों को दिए जा रहे भोजन का भी कांग्रेस नेत्री ने जायजा लिया.
उन्होंने बताया कि बेहद ही घटिया किस्म का खाना मरीजों को परोसा जा रहा है. इलाज कराने आते मरीज को जमीन पर बैठना पड़ता है. वहीं तीन दिन से महिला वार्ड में भर्ती एक महिला को ब्लड नहीं चढ़ाने से नाराज महिला अपनी तकलिफ बताने लगी.
वैसे अपर्णा गुहा ने साफ कर दिया है कि अस्पताल की विधि व्यवस्था के संबंध में वे मंत्री को अवगत कराएंगी.
वहीं अस्पताल में इलाजरत मरीजों के परिजन भी अस्पताल के विधि व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाते नजर आए. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आखिर स्वास्थ मंत्री जो लगातार झारखंड में स्वास्थ्य क्रांति लाने का दंभ भर रहे हैं, उसे पूरा कैसे करेंगे. जबकि पूरा का पूरा सिस्टम ही करप्ट हो चुका है.

