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शांति करेगी उथलपुथल, सुखदेव रहेंगे सुखी या रामेश्वर का होगा राज

by bnnbharat.com
November 22, 2019
in समाचार
शांति करेगी उथलपुथल, सुखदेव रहेंगे सुखी या रामेश्वर का होगा राज

शांति करेगी उथलपुथल, सुखदेव रहेंगे सुखी या रामेश्वर का होगा राज

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ब्यूरो चीफ,

रांची: लोहरदगा राज्य की बॉक्सााइड नगरी के रूप में जाना जाता है. यहां पहले चरण में चुनाव होना है. वोट 30 नवंबर को डाले जाएंगे. पहले चरण के चुनाव में हॉट माने जाने वाले विधानसभा क्षेत्र में लोहरदगा भी शामिल है.

इस विधानसभा चुनाव में सुखदेव भगत अपनी विधायकी बचाने में जुटे हैं. नीरू शांति भगत आजसू पार्टी का झंडा दोबारा लहराने की कवायद कर रही है. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव कांग्रेस की विधायकी की परंपरा को बढ़ाने की जद्दोजहद कर रहे हैं.

बदल गया समीकरण –

इस बार लोहरदगा का चुनावी समीकरण बदल गया है. वर्ष 2009 और 2014 में साथी रहे आजसू और भाजपा की राह यहां अलग-अलग है. गठबंधन नहीं हो पाने की स्थिति में दोनों पार्टियों ने अपने उम्मीदवार खड़े कर दिए हैं.

आजसू इसे अपनी परंपरागत सीट मानती है. सुखदेव भगत को भाजपा में लाकर भाजपा अपनी दावेदारी बता रही थी. हालांकि दोनों के बीच बात नहीं बनी. सुखदेव भगत के चुनाव जीतने के कारण कांग्रेस ने झामुमो से यह सीट ले लिया. इस बीच पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं का दल बदलना जारी है. यह लगभग सभी पार्टी के लिए सिरदर्द है.

आदिवासी बहुल इलाका-

लोहरदगा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित क्षेत्र है. यहां आदिवासियों की संख्या अधिक है. खासकर उरांव जनजाति के मतदाता अधिक हैं. क्षेत्र में पानी का संकट सबसे बड़ा है. आज भी यहां की आधी से अधिक आबादी के घर का पाइप से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. अस्पतालों की हालत खराब है. इस क्षेत्र के कई इलाके आज भी नक्सल प्रभावित हैं. हालांकि सरकार का दावा है कि कई अति नक्सल प्रभावित इलाकों को इससे मुक्त किया गया है.

उप चुनाव भी हुए-

साल 2009 के बाद 2014 में भी कमल किशोर भगत विधायक बनें. एक डॉक्टर से मारपीट करने के मामले में उन्हें न्यायालय ने सजा सुनाई. इससे उनकी विधायकी खत्म हो गई. फिर 2015 में यहां उपचुनाव हुए. उसमें आजसू की टिकट पर कमल कि‍शोर भगत की पत्नी नीरू शांति भगत खड़ी हुई. हालांकि वह जीत के कारवां को आगे बढ़ाने में कामयाब नहीं हो सकी. कांग्रेस के सुखदेव भगत ने नीरू शांति भगत को 23 हजार से अधिक मतों से हरा दिया.

अब तक के विधायक-

  • 1951 में झापा के इग्नेस कुजुर
  • 1957 में स्वतंत्र पार्टी के प्रीतम कुजुर
  • 1962 में सुशील बाखला
  • 1967, 1969 और 1972 में कांग्रेस के बिहारी लकड़ा
  • 1977, 1980, 1985 और 1990 में इंद्रनाथ भगत
  • 1995 और 2000 में भाजपा के सधनू भगत
  • 2005 में कांग्रेस के सुखदेव भगत
  • 2009 और 2014 में आजसू के कमल किशोर भगत
  • 2015 उपचुनाव में कांग्रेस के सुखदेव भगत

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