रांची: रामगढ़ के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को कारखाने से निकलने वाले धुएं से परेशानी हो रही है. इस बाबत अखिल भारतीय किसान सभा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर ऐसे कारखानों पर कार्रवाई करने की मांग की है.
सभा के महासचिव महेंद्र पाठक ने कहा है कि रामगढ़ के छावनी परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 मरार में स्थित गौतम पैरालाइज बिहार फाउंड्री स्पंज और पावर प्लांट से निकलने वाले जहरीले धुएं से हजारों लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं.
राज्य के सर्वाधिक प्रदूषित रामगढ़ जिले के 50 मीटर की दूरी पर आईटीआई कॉलेज, 100 मीटर से 500 मीटर तक छोटे बच्चों के कई स्कूल सहित कई प्राथमिक विद्यालय एवं हाई स्कूल हैं. इससे बच्चे भी प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं. साथ ही, 100 मीटर की दूरी पर सीसीएल का बड़ा अस्पताल, होप हॉस्पिटल, साईं सेवायतन नर्सिंग होम, वृंदावन हॉस्पिटल, अपेक्षा सर्जिकल नर्सिंग होम सहित एक दर्जन छोटे-बड़े हॉस्पिटल, आधे दर्जन बैंक, कई पेट्रोल, बड़े-बड़े होटल, कई शादी घर, धर्मशाला एवं बड़े-बड़े अपार्टमेंट, बिंझार, मरार, रांची रोड स्टेशन, पलामु कलोनी, इफिको कलोनी, सैयद कॉलोनी, नई सराय बस्ती कई छोटे-बड़े गाड़ियों के शोरूम प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं.
पाठक ने कहा कि इन जगहों पर आने-जाने और रहने वाले लोग भी उक्त कारखानों से निकलने वाले जहरीले धुएं से त्रस्त हैं. असमय काल के गाल में समा रहे हैं. झारखंड की जीवन रेखा दामोदर नदी का जल भी प्रदूषित हो रहा है.
उक्त कारखानों से आधा किलोमीटर की दूरी पर छावनी परिषद के सिख रेजीमेंट, पंजाब रेजीमेंट के हजारों जवान प्रदूषित क्षेत्र में रहने के लिए विवश हैं. उन्होंंने इसकी अविलंब जांच पड़ताल कराते हुए जनहित में उचित कार्रवाई करने की मांग की है.

