धनबाद: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्य तिथि पर निगम क्षेत्र में शुरू हुई अटल क्लीनिकों से लोगो को उतना लाभ नहीं मिल पा रहा है जितनी उम्मीद की गयी थी. किसी भी क्लिनिक में मरीजों को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध नहीं है. एक-दो क्लिनिक को छोड़ कर अधिकतर सुबह या शाम को ही खुलती है, कतरास और सिंदरी में खुली क्लिनिक में अभी तक डॉक्टर की नियुक्ति तक नहीं हुई है. यह खुलाशा नगर आयुक्त चंद्र मोहन कश्यप ने अपनी जाँच में देखी और इसकी रिपोर्ट नगर विकास सचिव झारखण्ड को भेज दी है.
वहीं इस मामले में सिविल सर्जन का कहना है की नगर निगम में चलने वाले सभी क्लिनिक खुलते हैं. हालांकि हमारे पास सीमित दवा है. जिससे लोगो को परेशानी जरूर हो रही है पर मरीजों को कैसे इसका लाभ मिले इसके लिए डॉक्टर तत्पर हैं और क्लिनिक में मरीज पहुंच भी रहें हैं .
वहीं जब हमने क्लिनिक की जाँच की तो आयुक्त की रिपोर्ट को सत्य पाया. कहीं क्लिनिक सुबह खुलती है तो शाम को नहीं और किसी भी क्लिनिक में समुचित मात्रा में दवा उपलब्ध नहीं है. यह क्लिनिक लाभुकों के लिए खुली थी जिस दिन इसका शुभारंभ हुआ उस दिन लगा जैसे गरीबों का इलाज़ अब घर बैठे ही होगा पर परिणाम शून्य दिख रहा है. अब क्लिनिक नाम के बराबर खुलती है और खुलती भी है तो दवा समुचित रूप से उपलब्ध नहीं है.

