नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कुछ ही समय बचा हुआ है. चुनाव आयोग कभी भी तारीखों का ऐलान कर सकता है. सत्ता पर आसीन आम आदमी पार्टी (आप) अपने प्रतिद्वंद्वी दलों से निपटने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है. दिल्ली की जनता से रूबरू होने के लिए आप टाउन हॉल मीटिंग कार्यक्रम चला रही है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा, पांच वर्ष पूरे होने पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को सीधे हिसाब दे रहा हूं. जनतंत्र में जनता मालिक होती है. मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि अपने मालिक को पांच साल का हिसाब दे.
उन्होंने कहा कि अब अगले पांच साल क्या-क्या करना है? अगले 5 साल कौन सी प्राथमिकताएं होनी चाहिए? ये आपसे (जनता) पूछकर तय करेंगे. रोज एक मुद्दा तय करेंगे. कल सबने तय किया कि अगले 5 साल में दिल्ली साफ और सुंदर करनी है.
वहीं दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कई राजनीतिक दलों के नेताओं का आप में शामिल होना लगातार जारी है. भाजपा के पूर्व पार्षद समेत अन्य पार्टियों के कई लोग आम आदमी पार्टी में शामिल हुए. शामिल होने वाले लोगों को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुशील गुप्ता की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई.

