जगदम्बा प्रसाद शुक्ल,
प्रयागराज: वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप जिस तरह से आगे बढ़ रहा है वह चिंता का विषय है लेकिन उसी तरह लोग इस बीमारी के प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं.
बाजारों में दुकानों पर बढ़ती भीड़, चौराहों पर चाय की दुकानों पर बैठकर गप्पेबाजी, बिना काम के सड़कों पर निकलना, बिना मास्क लगाये भीड़ का हिस्सा बनना, बाहर से आने के बाद बिना हाथ धुले या बिना सेनेटाइजर का उपयोग किये घर में घुस जाना जैसे अनेक कारण हैं जो इस बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं.
पहले व दूसरे लॉकडाउन तक लोगों ने सरकार के निर्देशों का ईमानदारी से पालन किया लेकिन अब जब बीमारी का पारा चढ़ा तो लोग लापरवाही बरतने लगे.
जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन अब भी अधिकतर लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.
अनलॉक के बाद शादी समारोहों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक सोशल डिस्टेंस का पालन न करते हुए लोग भीड़ का हिस्सा बने उसका परिणाम सामने आ रहा है. क्षेत्र के अनेक बुद्धिजीवी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाला समय और भयावह हो सकता है.
करमा पुलिस चौकी इंचार्ज उपेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिदिन नियमित रूप से शाम को विभिन्न चौराहों पर बैरिकेटिंग करके बिना मास्क चलने वालों पर जुर्माना किया जाता है तथा उन्हें मास्क लगाने का निर्देश दिया जाता है लेकिन अगले दिन की चेकिंग में फिर अधिकतर लोग बिना मास्क के घूमते दिखते हैं.
बाजारों में नियमित गश्त करके भी लोगों को भीड़ न लगाने का निर्देश दिया जाता है लेकिन इस रोग से मुक्ति पाने के लिए लोगों को खुद समझदारी दिखाना होगा.
हथिगन प्रधान दीपक द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने कई बार गांव को सेनेटाइज करवाया. लोगों से भीड़ न लगाने तथा घरों में रहने की अपील की गई लेकिन यह सही है कि अब जब अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है तो लोग लापरवाही कर रहे हैं.
सिविल इंजीनियर के पद पर कार्यरत अजय शुक्ल ने कहा कि कोरोना काल में जोधपुर से घर वापस आने के बाद मैं 21 दिन तक एक कमरे में क्वारंटीन रहा लेकिन किसी काम से बाहर निकलने पर यह आशंका बनी रहती है कि सामने वाला व्यक्ति भी सही दिशा निर्देशों का पालन कर रहा है या नहीं. इस समय लोगों को सुरक्षित रहने तथा बिना बहुत जरूरी काम के बाहर न निकलने की आवश्यकता है.
करमा बाजार निवासी समाजसेवी केशव पाण्डेय ने कहा कि यह सही है कि लोग अब काफी लापरवाह होते जा रहे हैं. बाजार में गश्त करने के लिए जब पुलिस निकलती है तो लोग भागकर गलियों या अपने घरों में छिप जाते हैं लेकिन जैसे ही पुलिस के लोग आगे बढ़ते हैं लोग फिर एकत्र हो जाते हैं. केवल पुलिस के डर से निर्देशों का पालन चिंताजनक है.
चंद्रभान का पूरा के हरि प्रताप सिंह ने कहा कि यह ईश्वर की कृपा है या लोगों की समझदारी जो अपना क्षेत्र अभी इस वैश्विक महामारी से सुरक्षित है.
लोग इसी तरह संयम बनाये रखें और बीमारी से बचने के लिए बनाए गए निर्देशों का मन से पालन करते रहें तो कोरोना जैसी भयावह बीमारी से लड़ने में मदद मिलेगी.

