सूर्यकांत कमल,
चतरा: शहर में जाम की समस्याओं से निजात को ले बाइपास निर्माण की मांग को लेकर एनडीए के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अरुण यादव के नेतृत्व में लोग सड़क पर उतरे. प्रतापपुर जिला परिषद सदस्य अरुण कुमार यादव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एनएच-99 पर स्थित केसरी चौक पर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और धरना पर बैठ गए. नेताओं व कार्यकर्ताओं के धरना पर बैठने से चतरा की लाइफ लाइन झारखंड-बिहार को जोड़ने वाले एनएच पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. वाहनों का परिचालन ठप हो गया. जिसके बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों के जाम व आंदोलन की सूचना पाकर सदर अंचल अधिकारी यामुन रविदास और थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक बीपी मंडल मौके पर पहुंचे. जिसके बाद धरना पर बैठे जिप सदस्य से वार्ता की.
मौके पर अंचल अधिकारी ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि बाइपास निर्माण को लेकर सरकार स्वयं गंभीर है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. मुआवजे को लेकर कुछ रैयतों के द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर किया गया हैं. जैसे ही न्यायालय का फैसला आएगा निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.
सीओ ने आंदोलकारियों को बताया कि कुछ रैयतों को मुआवजा भी दिया गया है. सीओ के आश्वासन के बाद नेताओं व कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया. गौरतलब है कि चतरा शहर की अति महत्वाकांक्षी बाईपास निर्माण की मांग लंबे समय से स्थानीय लोग कर रहे हैं. शहर में बाईपास नहीं रहने से शहरवासियों को आए दिन जाम के संकट से जूझना पड़ता है. क्योंकि ये मार्ग बीच शहर से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरती है. ऐसे में यहां सड़क दुर्घटनाओं का भय लोगों को सताते रहता है. बल्कि मुख्य मार्ग पर वाहनों से लगने वाले लंबे जाम से भी शहरवासी परेशान रहते हैं.
इसी समस्या को राजनीति मुद्दा बनाकर एनडीए के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी जिला परिषद सदस्य अरुण यादव ने सड़क पर उतरने की घोषणा पूर्व में की थी. उन्होंने सांसद और विधायकों पर विकास के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जनता के आम सरोकार से जुड़े मामलों में सक्रियता के बजाय निष्क्रियता दिखाने का आरोप लगाया था.

