सूर्यकांत कमल,
चतरा: उत्तरप्रदेश के झांसी में पुलिस एनकाउंटर को लेकर उपजा राजनीतिक पारा नीचे उतरने का नाम नहीं ले रहा है. घटना में मारे गए पुष्पेंद्र यादव को लेकर पनपा विवाद शांत होने के बजाय और भी सियासी रूप लेते जा रहा है. घटना के विरोध में विपक्षी दलों के साथ-साथ गैर-राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता भी अब सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर योगी सरकार के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. यूपी पुलिस द्वारा किये गए एनकाउंटर के विरोध में देर शाम चतरा में कैंडल मार्च निकाला गया. यह मार्च यादव सभा के बैनर तले निकाला गया था. उपायुक्त कार्यालय से शुरू हुआ यह मार्च शहर के विभिन्न गली-मोहल्ले से होते हुए चतरा की हृदय स्थली कहे जाने वाला केसरी चौक पहुंचकर संपन्न हो गया. केसरी चौक पर मार्च में शामिल यादव महासभा के कार्यकर्ताओं व युवा नेताओं ने स्व. पुष्पेंद्र यादव की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी.
इस दौरान मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार और उत्तरप्रदेश पुलिस प्रशासन के खिलाफ योगी सरकार होश में आओ, फर्जी एनकाउंटर बंद करो, यूपी पुलिस हाय-हाय समेत अन्य नारे लगाए. मौके पर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषी पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध में कठोर कार्रवाई की मांग की है. कहा है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार यादवों की साजिश के तहत हत्या कराना चाहती है. जिसका पर्दाफाश पुष्पेंद्र का फर्जी एनकाउंटर से हो चुका है. ऐसे में यादव सभा शहीद पुष्पेंद्र के परिजनों को इंसाफ दिलाने के लिए सड़क से सदन तक ईंट से ईंट बजा देंगे. कैंडल मार्च में प्रतीक यादव, रूपेश यादव, राहुल यादव, डीएम यादव, कृष्णा यादव, प्रकाश यादव, मुकेश यादव सहित दो दर्जन युवा शामिल थे.

