अनलॉक-5 में कोई विशेष छूट नहीं, दुर्गा पूजा को लेकर भी गाइडलाइन जारी
रांची: झारखंड सरकार की ओर से गुरुवार को लॉकडाउन और अनलॉक-5 के जारी नये दिशा-निर्देश के अनुसार आगामी 8 अक्टूबर से सभी धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है. वहीं दुर्गा पूजा को लेकर भी अलग से गाइडलाइन जारी किया गया है.
मुख्य सचिव सुखदेव सिंह द्वारा देर रात जारी नये दिशा-निर्देश में बताया गया है कि 28 अगस्त को लॉकडाउन को लेकर जारी अन्य सभी आदेश आगे भी जारी रहेंगे.
दुर्गा पूजा को लेकर भी सरकार द्वारा अलग से आदेश जारी किये गये है. जिसमें दुर्गा पूजा को लेकर मंदिर और घरों में पूजा-अर्चना करने की सलाह दी गयी है. वहीं जिन स्थानों पर परंपरागत तरीके से दुर्गा पूजा पंडाल व मंडप में पूजा अर्चना की जा रही है, वहां बिना लोगों की भीड़ को एकत्रित किये, पूजा की अनुमति दी गयी है. वहीं पूजा पंडाल को किसी थीम पर बनाने की अनुमति दी गयी है, जबकि पंडाल में किसी तरह की आकर्षक विद्युत सज्जा की अनुमति नहीं दी गयी है.
स्वागत द्वार और तोरण द्वार नहीं बनाया जाएगा. नये दिशा निर्देश में यह भी साफ जारी किया गया है कि सिर्फ मूर्ति को ही कवर किया जाएगा, शेष पूजा पंडाल खुला रहेगा. साथ ही मूर्ति चार फीट से ऊंची नहीं होगी. इसके अलावा किसी भी तरह के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं होगा और पूजा स्थल के ईद-गिर्द किसी भी तरह के मेला या प्रदर्शनी का आयोजन नहीं किया जा सकेगा.
यह भी सख्त आदेश दिया गया है कि दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास फूड स्टॉल नहीं लगाये जा सकेंगे, जबकि किसी भी स्थल पर एक समय में सात लोगों से ज्यादा एकत्रित नहीं हो सकेंगे, जिसमें आयोजक, पुरोहित या अन्य सहायक कर्मी शामिल रहेंगे. इसके अलावा विसर्जन जुलूस निकालने की भी अनुमति नहीं होगी, जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान पर मूर्ति विसर्जन होगा. इसके अलावा किसी भी म्यूजिक सिस्टम का उपयोग पूजा समिति द्वारा नहीं किया जाएगा.
नये गाइडलाइन में गरबा डांडिया प्रोग्राम पर भी रोक रहेगी. वहीं रावण दहन का कार्यक्रम भी भारी भीड़ एकत्रित कर नहीं होगा. जबकि सभी सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा. पूजा पंडाल समितियों द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा और सैनिटाइजेशन तथा मास्क का उपयोग लगातार किया जाएगा. सभी जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इस आदेश का अनुपालन कराएंगे और इस आदेश का उल्लंघन करने पर आपदा कानून एक्ट और भादवि की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई होगी.

