लोगों के पीने और उपयोग लायक बने पिट वाटर – पूर्णिमा नीरज सिंह
धनबाद:- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2024 तक हर घर में नल से शुद्ध एवं स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन अभियान को लेकर आज न्यू टाउन हॉल में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा किया गया. कार्यक्रम का आयोजन इनॉग्रल सेशन एवं दोपहर बाद टेक्निकल सेशन के साथ किया गया.
कार्यक्रम में उपस्थित माननीय विधायक सिंदरी इंद्रजीत महतो ने कहा कि सरकार ने हर व्यक्ति को स्वच्छ जल प्रदान करने के लिए यह योजना बनाई है. उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने एक-एक गरीब को स्वच्छ जल देने का संकल्प लिया है. संकल्प को पूरा करने के लिए इस अभियान को आंदोलन के रूप में लेना है. श्री महतो ने कहा कि जिले को दामोदर और बराकर नदी की सौगात मिली है. उन्होंने दोनों नदियों को जोड़ने के लिए योजना बनाने का सुझाव दिया. जिससे सिंदरी, निरसा एवं टुंडी विधानसभा में लोगों को निर्बाध जल की सुविधा मिलती रहे.
समारोह को संबोधित करते हुए माननीय विधायक झरिया पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कि कोयलांचल में आए दिन लोगों को पेयजलापूर्ति की समस्या से जूझना पड़ता है. कई क्षेत्रों में लोग दो-तीन किलोमीटर की दूरी तय कर पानी लाते हैं. श्रीमती सिंह ने जिले में चल रही सभी जलापूर्ति योजना को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया. साथ ही कार्य की धीमी गति को लेकर संवेदकों से कारण पूछने तथा पिट वाटर को लोगों के पीने और उपयोग लायक बनाने के लिए योजना बनाने का सुझाव दिया.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त उमा शंकर सिंह ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने हर घर नल का संकल्प लिया है. योजना के तहत हर घर तक नल से गुणवत्ता युक्त पानी देना है. इसके लिए वर्ष 2024 की डेडलाइन तय की गई है. उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर मिशन मोड में इस योजना पर काम करें और माननीय प्रधानमंत्री का विज़न पूरा करने के लिए लक्ष्य से एक वर्ष पूर्व 2023 में योजना को पूरा करने का संकल्प लें. लक्ष्य प्राप्त करने में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी वही भूमिका निभाएंगे जो उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत निभाई थी.
उपायुक्त ने कहा कि अभी तक 43 हजार लोगों के पास नल से जल पहुंचता है. शेष बचे लोगों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ग्राम, पंचायत एवं क्लस्टर में टीम के रूप में काम करने की आवश्यकता है. लक्ष्य को हासिल करने के लिए सब की जवाबदेही तय कर दी गई है.
निरसा उत्तर तथा दक्षिण की पेयजल आपूर्ति की योजना को गति प्रदान करने के लिए उपायुक्त ने कहा कि कार्यपालक अभियंता नियमित रूप से संवेदकों पर लगातार निगरानी करेंगे.
उन्होंने कहा पेयजलापूर्ति की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही स्मार्ट वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जाएगा. पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत झरिया से की जाएगी.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त दशरथ चंद्र दास ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की तरह इस बार भी हम इसमें कामयाब होंगे. योजना के लागू होने के बाद लोगों को पानी के लिए लंबी यात्रा तय नहीं करनी पड़ेगी. इससे जो श्रम बचेगा वह दूसरे काम में लगा सकते हैं.
उन्होंने कहा कि सभी मिलकर मिशन मोड में हर हालत में इस योजना को पूरा करेंगे. गर्मी से पहले हर नल एवं चापानल को दुरुस्त कर दिया जाएगा. यह प्रखंड विकास पदाधिकारी की जवाबदेही होगी. जल जीवन मिशन को अभियान के रूप में चलाना है और इसके हर निर्देश का पालन सभी को करना है.
कार्यशाला के इनॉग्रल सेशन के समापन के पश्चात उपायुक्त ने सभी को राष्ट्रीय जल मिशन के तहत पानी बचाने के लिए जल शपथ दिलाई. सभी ने पानी बचाने और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करने, पानी के हर बूंद का संचयन करने, पानी को अनमोल संपदा मानने, परिवारजनों, मित्रों और पड़ोसियों को भी इसके विवेकपूर्ण उपयोग और उसे व्यर्थ नहीं करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली.
कार्यशाला में विधायक सिंदरी इंद्रजीत महतो, विधायक झरिया पूर्णिमा नीरज सिंह, उपायुक्त उमा शंकर सिंह, उप विकास आयुक्त दशरथ चंद्र दास, मुख्य अभियंता पीएमयू रांची, अधीक्षण अभियंता धनबाद, पीएचईडी-1 के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार, पीएचईडी-2 के कार्यपालक अभियंता विक्रांत भगत, कार्यपालक अभियंता यांत्रिक प्रमंडल, वॉश स्पेशलिस्ट यूनिसेफ के कुमार प्रेमचंद, सभी सहायक एवं कनीय अभियंता, यूनिसेफ के कृष्ण कुमार, संजय गौतम, जल जीवन मिशन के जिला समन्वयक पवन कुमार गुप्ता, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक प्रेम कुमार सिन्हा सहित सभी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
