रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाने के साथ अब प्लाज्मा डोनेशन पर जोर दिया जा रहा है. इस अभियान में पुलिस के जवानों को पहला भागीदार बनाया जा रहा है, जिन्होंने कोरोना की जंग जीत ली है. इसी सिलसिले में शुक्रवार को राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में प्लाज्मा डोनेशन कैंप लगाया गया. जहां कोरोना से जंग जीतने वाले पुलिस के जवान प्लाज्मा दान कर रहे है.
रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने बताया है कि इस कैंप में कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके पुलिस के जवान प्लाज्मा दान कर रहे है. इसके साथ ही उपायुक्त ने कोरोना से ठीक हो चुके आम लोगों से भी अपील की है कि वे प्लाज्मा दान में आगे आएं, ताकि किसी जरूरतमंद की जान सुरक्षित हो सके.
गौरतलब है कि रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा और उपायुक्त छवि रंजन हाल ही में कोरोना से ठीक हुए पुलिस के 55 जवानों को प्लाज्मा दान के लिए प्रेरित किया है और वायरस को मात देकर स्वस्थ होने के लिए उनका मनोबल भी बढ़ाया है. उपायुक्त ने बताया है कि रिम्स के अलावा सदर अस्पताल रांची में भी कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की बेहतर व्यवस्था की जा रही है सदर अस्पताल में इलाज के लिए ऑक्सीजन इनेबल बेड तैयार किए जा रहे हैं यह काम जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा.
गौरतलब है कि झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आर्युविज्ञान संस्थान में 28 जुलाई से प्लाज्मा थेरेपी सेंटर की शुरुआत की गई है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसका उदघाटन करते हुए कहा है कोरोना संक्रमित मरीजों की मदद में प्लाज्मा डोनेट करने की अपील की है. हालांकि बीस दिनों के दौरान प्लाज्मा दान करने वालों की संख्या कम ही है और अब तक इसके आशातीत परिणाम का इंतजार है.

