दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में 2-1 से टेस्ट सीरीज अपने नाम कर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. टीम ने अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी और तमाम तरह की चुनौतियों के बीच ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में पटखनी दी और इतिहास रचा. टीम इंडिया की इस जीत की हर तरफ तारीफ है और उनके संघर्ष को सराहा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी पूरी टीम की तारीफ कर चुके हैं.
शुक्रवार को असम के तेजपुर यूनिवर्सिटी के 18वें दीक्षांत समारोह में मौजूद 1200 छात्रों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए पीएम ने भारतीय टीम का जिक्र करते हुए बताया कि खिलाड़ियों ने चोटिल होने के बावजूद लड़ाई को जारी रखा और ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचा. उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम का खेल दृष्टिकोण में बदलाव का एक बड़ा उदाहरण है. पहला टेस्ट हारने के बाद भी उन्होंने लड़ना जारी रखा.
मोदी ने कहा, ‘घायल होने के बाद भी वे जीत के लिए संघर्ष करते रहे और नए समाधान खोजते रहे. कुछ खिलाड़ी कम अनुभवी हो सकते हैं, लेकिन उनकी बहादुरी कम नहीं थी. उन्होंने सही प्रतिभा और स्वभाव के साथ इतिहास रचा.
मोदी ने युवाओं से कहा, “आप लोगों में से बहुतों ने भारतीय क्रिकेट टीम के ऑस्ट्रेलिया टूर का फॉलो किया होगा. इस टूर में क्या-क्या चुनौतियां हमारी टीम के सामने नहीं आईं. हमारी इतनी बुरी हार हुई लेकिन उतनी ही तेजी से हम उभरे भी और अगले मैच में जीत हासिल की. चोट लगने के बावजूद हमारे खिलाड़ी मैच बचाने के लिए मैदान पर डटे रहे. चैलेंजिंग कंडिशन्स में निराश होने के बजाय हमारे युवा खिलाड़ियों ने चैलेंज का सामना किया. नए समाधान तलाशे. कुछ खिलाड़ियों में अनुभव जरूर कम था लेकिन हौसला उतना ही बुलंद दिखा. उनको जैसे ही मौका मिला, उन्होंने इतिहास बना दिया. एक बेहतर टीम को अपने टैलेंट और अपने टेम्परामेंट पर… वो ताकत थी कि उन्होंने एक अनुभवी टीम को पराजित कर दिया.”

