BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

PLFI नक्सली जीदन गुड़िया का राजनीति में भी था दबदबा…

by bnnbharat.com
December 23, 2020
in समाचार
PLFI नक्सली जीदन गुड़िया का राजनीति में भी था दबदबा…
Share on FacebookShare on Twitter

रांची: पुलिस मुठभेड़ में ढेर 15 लाख के इनामी पीएलएफआई नक्सली जीदन गुड़िया का जितना जंगल और बीहड़ों में था. उससे कहीं ज्यादा उसकी राजनीतिक पकड़ भी थी. खूंटी, सिमडेगा और गुमला इलाके में उसके नाम से इतनी दहशत थी कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में खड़े होने वाले प्रत्याशी भी उससे खौफ खाते थे.

राजनीतिक पार्टियों से ताल्लुक रखने वाले लोग भी यह स्वीकार करते हैं कि जीदन की इजाजत के बिना किसी प्रत्याशी या कार्यकर्ता की हिम्मत नहीं होती थी कि वह रनिया, तोरपा, मुरहू, बंदगांव, कर्रा , लापुंग और कामडरा समेत पीएलएफआई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के लिए खुलेआम घूम सके. राजनीजिक जानकारों का कहना है कि इलाके में बढ़त हासिल करने में जीदन गुड़िया का समर्थन आवश्यक था. वह मतदाताओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने का काम करता था.

जीदन गुड़िया को जानने वाले लोग बताते है कि उसने दो शादियां की थी. जीदन की पहली पत्नी रीता गुड़िया 2010 से 2015 तक तपकारा पंचायत की मुखिया थी. जबकि उसकी दूसरी पत्नी जूनिका गुड़िया इस समय खूंटी जिला परिषद की अध्यक्ष है. जूनिका गुड़िया विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा में शामिल हुई है. वह अपनी तीन बहनों और देवर जॉनसन गुड़िया के साथ शव लेने थाने पहुंची थी.

जीदन मूलरूप से खूंटी जिले के तपकारा थाना क्षेत्र के कोचा करंजटोली गांव का रहने वाला था. अपने को सुरक्षित रखने के लिए वह इलाके में कई सामाजिक कार्य भी करता रहता था. कभी मेडिकल कैंप लगाना, तो कभी गरीबों के बीच धोती-साड़ी, कंबल और अनाज का वितरण कराना उसके लिए आम बात थी.

जीदन के खिलाफ राज्य के खूंटी, रांची, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, लोहरदगा सहित अन्य कई जिलों के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी, पुलिस के साथ मुठभेड़ सहित अन्य संगीन मामलों को लेकर 100 से अधिक मामले दर्ज थे. अपने चार भाइयों में जीदन दूसरे नंबर का था. उसके तीन अन्य भाई गांव में ही खेती-बारी करते हैं. किसी की समस्या होने पर वह उसका निराकरण भी करता था. इलाके में लोगों में उसका खौफ इस प्रकार था कि किसी विवाद के निपटारे के लिए लोग पुलिस के पास जाने से पहले उसके पास जाते थे.

प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई में भी उसका काफी दबदबा था. संगठन के सुप्रीमो दिनेश गोप भी उसके फैसले को आखिरी फैसला मानता था. राजनीतिक हलकों में इस बात की भी चर्चा थी कि वह बहुत जल्द आत्मसमर्पण कर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता था.

जीदन के परिजनों के मुताबिक, जीदन ने अपनी पढ़ाई समाप्त करने के बाद रनिया में दर्जी का काम शुरू किया. उसकी सिलाई काफी अच्छी थी, जिसके चलते उसकी दुकान पर हमेशा भीड़ लगी रहती थी. इसी दौरान उसका संपर्क झारखंड जिबरेशन टाइगर्स (जेएलटी) से हुआ. बाद में जेएलटी का नाम बदल कर 2007 में पीएलएफआई हो गया. जिसके बाद जीदन पूरी तरह से पीएलएफआई संगठन से जुड़ गया.

जीदन का अंतिम संस्कार मंगलवार को उसके पैतृक गांव कोचा करंजटोली में सरना रीति रिवाज के अनुसार हुआ. अंतिम संस्कार के दौरान उसकी पत्नी खूंटी जिला परिषद की अध्यक्ष जुनिका गुड़िया समेत कई लोग मौजूद थे. जीदन के शव का पोस्टमार्टम 21 दिसंबर को रात में ही कराया गया.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

23 दिसंबर से चलेगी हावड़ा-रांची-हावड़ा के बीच अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन

Next Post

अचानक मालगाड़ी पीछे की तरफ हुई रोल, 4 डिब्बे पटरी से उतरे

Next Post
हाथी से टकराई पुरी-सूरत एक्सप्रेस, पटरी से उतरी ट्रेन

अचानक मालगाड़ी पीछे की तरफ हुई रोल, 4 डिब्बे पटरी से उतरे

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d