खूंटी: खूंटी जिले में प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना, प्रवासन को सुरक्षित बनाने और श्रम शक्ति अभियान को सफल बनाने को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन श्रम नियोजन प्रशिक्षण विभाग, झारखंड सरकार के द्वारा सीनी और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के सहयोग से श्रम भवन, खूंटी के सभागार में किया गया. इस बैठक में जनप्रतिनिधियों के अलावा चेंबर ऑफ कॉमर्स, जिले में काम कर रहे एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
मौके पर श्रम अधीक्षक खूंटी अविनाश ठाकुर ने कहा कि सरकार छोटे व्यवसायियों जिनकी वार्षिक कारोबार डेढ़ करोड़ रुपए से कम है, वे इस योजना से जुड़ सकते हैं. इसके अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभुक को हर महीने 3000 रूपये मासिक पेंशन दिया जाएगा.
इसके साथ ही जिले में पलायन को सुरक्षित बनाने को लेकर विभाग अभियान चला रही है. 18 वर्ष से ऊपर का कोई भी व्यक्ति अगर दूसरे प्रदेश कार्य के सिलसिले में जाता है तो उन्हें प्रवासी मजदूर कार्ड अवश्य बनाकर जाना चाहिए, ताकि मुसीबत के समय सरकारी योजना का उन्हें लाभ मिल सके. श्रम अधीक्षक ने यह भी बताया कि 25 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर (दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस से महात्मा गांधी के जन्म दिवस तक) श्रम शक्ति अभियान चलाकर मजदूरों का मुफ्त में निबंधन कराया जाएगा. निबंधित मजदूरों को विभाग के द्वारा कई योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा. उन्होंने चेम्बर और एनजीओ प्रतिनिधियों से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इन योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करने की अपील की.
बैठक को संबोधित करते हुए खूंटी प्रमुख रुकमिला देवी ने कहा सरकार मजदूरों के हित के लिए कई योजनाएं चला रही है, हम सब का दायित्व है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इन योजनाओं से कैसे जोड़ा जाए. मजदूर एक बार इन योजनाओं से जुड़ जाता है तो बहुत सारी योजनाओं का लाभ उसे मिलता है. उप प्रमुख जितेंद्र कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के बाद अब छोटे व्यवसायियों के लिए मानधन योजना लाना एक ऐतिहासिक कदम है, व्यवसायियों को इस योजना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, वे पंचायत समिति के बैठक के माध्यम से गांव-गांव तक इस योजना का प्रचार प्रसार करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिले. उन्होंने प्रवासी मजदूरों को भी सरकारी योजनाओं से जुड़ने को कहा साथ ही प्रवासन के दौरान पूरी जानकारी लेकर ही जाने की बात कही.
‘‘वर्क इन फ्रीडम‘‘ कार्यक्रम की प्रोजेक्ट मैनेजर अनीता सिन्हा ने कहा कि हमारे राज्य से बड़ी संख्या में लोग पलायन करते हैं. ज्यादातर महिलाओं का पलायन घरेलू कामगार के लिए होता है. लेकिन जानकारी के अभाव में वे आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण का शिकार हो जाती है, कार्यक्षेत्र में भी उसके सहयोग के लिए कोई नहीं होता. हम सब की जिम्मेवारी है की पलायनकर्ताओं को सही जानकारी दी जाए ताकि वे जहां जाए सुरक्षित रहें.
चेंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष प्रशांत भगत ने कहा कि संस्था के द्वारा जल्द ही व्यवसायियों की सुविधा के लिए एक सिंगल विंडो शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें एक ही जगह सभी विभागों के द्वारा व्यवसायी अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं. सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने में चेंबर सहयोग करेगा.
पत्रकार चंदन कुमार ने सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में योजनाओं को कैसे पहुंचाया जाए इस पर अपना विचार रखा. योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे होगा,आवेदन कैसे लिए जाएंगे इसकी जानकारी सीएससी के जिला प्रबंधक प्रभात कुमार और माजिद सुल्तान ने विस्तार से दी.
बैठक में मुख्य रूप से श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राजीव रंजन दयाल, चेंबर ऑफ कॉमर्स के रविंद्र कुमार, ऋतु जायसवाल, मुकेश जायसवाल, जेएसएलपीएस, आशा किरण, नीड्स, एसजीवीएस, होरा संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन कुमार सौरभ ने किया.

