नई दिल्ली: देश आज अपने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद कर रहा है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 29वीं पुण्यतिथि है. राजीव गांधी 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 24 घंटे के भीतर देश के प्रधानमंत्री बन गए थे. वो राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत के लोगों को 21वीं सदी का सपना दिखाया था. 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी. उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया था. हर साल 21 मई को मनाए जाने वाले आतंकवाद विरोधी दिवस पर युवाओं सहित समाज के अन्य वर्गों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है. इस बार यह दिवस कोरोना वायरस महामारी के बीच मनाया जा रहा है.
21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में एक बम धमाके में उनकी हत्या कर दी गई थी. उस वक्त वे एक चुनावी रैली संबोधित करने पहुंचे थे. लिट्टे उग्रवादियों ने 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जान ले ली थी. श्रीलंका में शांति सेना भेजने से नाराज तमिल विद्रोहियों ने तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में राजीव पर आत्मघाती हमला किया.
लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे राजीव गांधी के पास एक महिला फूलों का हार लेकर पहुंची और उनके बहुत करीब जाकर अपने शरीर को बम से उड़ा दिया. धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी चपेट में आने वाले ज्यादातर लोगों के मौके पर ही परखच्चे उड़ गए.
पूर्व प्रधानमंत्री की 29वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर #ThankYouRajivGandhi कैंपेन चला रखा है. कांग्रेस के ट्विटर अकाउंट से लिखा गया- ‘राजीव गांधी – वह व्यक्ति जिसने एक युवा भारत की नब्ज को महसूस किया और हमें एक उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर किया. वह आदमी जो युवा और बूढ़े की जरूरतों को समझता था और एक और सभी से प्यार करता था.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व पीएम राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया – ‘पुण्यतिथि पर पूर्व पीएम श्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि.’
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि -‘राजीव जी की पुण्य तिथि पर उन्हें सादर श्रद्धांजलि. राजीव जी को यह देश कभी नहीं भुला पायेगा. राजीव गांधी अमर रहें.’
राजीव गांधी के फैसले
- -भारत में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने नवोदय विद्यालय की नींव रखी थी. ये फैसला साल 1986 में शिक्षा नीति के तहत लिया गया था. आज लगभग देश के हर जिले में एक नवोदय विद्यालय है.
- -राजीव गांधी के कार्यकाल में वोट देने की उम्र में परिवर्तन किया गया. वोट देने का अधिकार पहले 21 साल की उम्र में था. फिर राजीव गांधी ने इसे घटाकर 18 साल कर दिया. जिस समय यह फैसला लिया गया, उस समय 5 करोड़ नए युवाओं को वोट देने का अधिकार मिला.
- -BSNL और MTNL टेलीकॉम कंपनियां जो आज संकट से जूझ रही हैं. राजीव गांधी के कार्यकाल में ही स्थापित की गईं थी. भारत में कम्प्यूटर शिक्षा का श्रेय राजीव गांधी को ही दिया जाता है. उन्होंने साइंस और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बजट में इसका इंतजाम किया.
- -अयोध्या के विवादित मामले राम मंदिर में लगे ताले को राजीव गांधी के कार्यकाल में ही खोला गया था. कहा जाता है उन्होंने हिंदू समाज की नाराजगी को दूर करने के लिए ऐसा किया था.

