कोलकाता:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पिछले पंचायत चुनावों की तरह वह इस बार भी विधानसभा चुनावों में ङ्क्षहसा और अशांति फैलाकर ‘लोकतंत्र को लूटने’ की साजिश रच रही हैं. प्रधानमंत्री ने यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि राज्य के कोने-कोने से एक ही आवाज आ रही है तथा हर जाति, मत, संप्रदाय और मजहब के लोगों का एक ही संकल्प नजर आ रहा है और वह है, ‘दो मई, दीदी गई’.
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के राज में घुसपैठियों को ‘खुली छूट’ दी गई और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई.
उन्होंने राज्य की जनता से वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस के हर ‘अन्याय और अत्याचार’ का ‘चुन-चुन’ कर हिसाब लिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव जैसे-जैसे अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है ममता बनर्जी की बौखलाहट बढ़ती जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहने के लिए उन्होंने अपने समर्थकों को भड़काना शुरु कर दिया है.
उन्होंने कहा, ‘एक मुख्यमंत्री कभी ऐसी भाषा नहीं बोल सकता… वह यहां ङ्क्षहसा फैलाना चाहती हैं… अशांति पैदा करना चाहती हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पंचायत चुनावों के समय दीदी की पार्टी ने जिस तरह लोकतंत्र को लूटा था अब वही कोशिश, वही साजिश, वह दोबारा इस चुनाव में कर रही हैं.’ प्रधानमंत्री ने दावा किया कि इस साजिश को बंगाल की जनता नाकाम करके ही रहेगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि अपने भतीजे (सांसद अभिषके बनर्जी) के भविष्य को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने बंगाल के युवाओं के वर्तमान और भविष्य को दांव पर लगा दिया. उन्होंने कहा, ‘दीदी के लिए अपना भतीजा ही सब कुछ है, बंगाल कुछ नहीं है. दीदी की सरकार के दौरान हुए हर अन्याय, हर अत्याचार का पूरा हिसाब किया जाएगा. और जब मैं पूरा हिसाब करता हूं ना…तो लिख करके रखिए… चुन चुन कर हिसाब लिया जाएगा, पल-पल का और पाई-पाई का हिसाब मांगा जाएगा.’
महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी पर फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके राज में घुसपैठियों को खुली छूट है लेकिन बंगाल भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या की जाती है. चक्रवाती तूफान अम्फान में हुए कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि मां, माटी और मानुष की बात करने वाली ममता बनर्जी से संवेदनशीलता की उम्मीद थी लेकिन उन्होंने राज्य के अम्फान पीडितों को चक्रवात से भी ज्यादा दर्द देकर विश्वासघात किया.
उन्होंने कहा, ”मुझे बड़े दुख के साथ, पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि आप इन गरीबों की गुनहगार हो. आपके तोलाबाजों ने ना सिर्फ इस मुश्किल में उन्हें लूटा बल्कि इस मनरेगा का लाभ भी छीन लिया. आपके शासन ने हर वर्ग, मत और मजहब के लोगों को निराश किया है. इससे दुखी हर बंगाली आज कह रहा है… पूरे बंगाल के हर कोने से एक ही आवाज आ रही है…एक ही संकल्प नजर आ रहा है- दो मई, दीदी गई.’

