नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय नागालैंड के राज्यपाल आरएन रवि और नागा शांति वार्ता में गतिरोध को लेकर परेशान है. वह केंद्र सरकार से तरफ से विद्रोही गुटों से बात कर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में विभिन्न विद्रोही गुटों ने खुफिया ब्यूरो प्रमुख को पदभार संभालने को कहा है. इसके लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक अरविंद कुमार को स्पष्ट रूप से पटरी से उतरे वार्ता को पटरी पर लाने का काम सौंपा गया है.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, “पिछले छह वर्षों में आरएन रवि वार्ताकार के रूप में विभिन्न नागा समूहों से बात कर रहे थे. लेकिन पिछले 10 या 11 महीनों में चीजें ठीक नहीं चल रही हैं.” अधिकारी के मुताबिक, पीएमओ ने आईबी के विशेष निदेशक अक्षय कुमार मिश्रा से भी इसमें शामिल होने के लिए कहा है.
माना जाता है कि केंद्र सरकार विशेष रूप से नागालैंड में तीन-तरफा झगड़े से चिंतित है – एनएससीएन (आईएम), विद्रोही समूहों में सबसे बड़ा, आरएन रवि और नए राष्ट्रीय नागा राजनीतिक समूह (एनएनपीजी) के बीच लगातार तनाव जारी है. राज्यपाल रवि ने नागालैंड में निर्वाचित सरकार पर खुलेआम निशाना साधा है, जो भाजपा गठबंधन की सहयोगी है.

