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केवल मुझे ही नहीं, आप पर पूरे देश को अटूट विश्वास है: पीएम

रामधारी सिंह दिनकर की कविता सुनाकर जवानों में जोश भर गये पीएम

by bnnbharat.com
July 3, 2020
in Uncategorized
केवल मुझे ही नहीं, आप पर पूरे देश को अटूट विश्वास है: पीएम

रामधारी सिंह दिनकर की कविता सुनाकर जवानों में जोश भर गये पीएम

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रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लेह में नीमू की फॉरवर्ड पोस्ट पर पहुंचे. यहां पर सीनियर अधिकारियों ने उन्हें पूरी जानकारी दी. पीएम मोदी ने सेना, वायुसेना के अफसरों के साथ सीधा संवाद भी किया. इस दौरे पर सिर्फ CDS बिपिन रावत को आना था, लेकिन पीएम मोदी ने खुद पहुंचकर सभी को चौंका दिया. लेह के वॉर मेमोरियल हॉल ऑफ फेम पहुंच कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी.

इसके बाद उन्होंने सेना के अस्पताल में घायल जवानों से मुलाकात की. इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने जवानों को संबोधित किया. पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय सैनिकों के पराक्रम की सराहना की. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है, तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है.

आपकी भुजाएं, उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं, जो आपके इर्द-गिर्द हैं. आपकी इच्छा शक्ति आसपास के पर्वतों की तरह अटल हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपका ये हौसला, शौर्य और मां भारती के मान-सम्मान की रक्षा के लिए आपका समर्पण अतुलनीय है. जिन कठिन परिस्थितियों में जिस ऊंचाई पर आप मां भारती की ढ़ाल बनकर उसकी रक्षा, उसकी सेवा करते हैं, उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता.

यहां उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की कविता की दो पंक्तिीयां जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल, कलम, आज उनकी जय बोल… सुनाकर जवानों में जोश भर दिया.

यहां पढ़ें वो पूरी कविता

…जला अस्थियां बारी-बारी
चिटकाई जिनमें चिंगारी,
जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर
लिए बिना गर्दन का मोल
कलम, आज उनकी जय बोल।

जो अगणित लघु दीप हमारे
तूफानों में एक किनारे,
जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन
मांगा नहीं स्नेह मुंह खोल
कलम, आज उनकी जय बोल।

पीकर जिनकी लाल शिखाएं
उगल रही सौ लपट दिशाएं,
जिनके सिंहनाद से सहमी
धरती रही अभी तक डोल
कलम, आज उनकी जय बोल।

अंधा चकाचौंध का मारा
क्या जाने इतिहास बेचारा,
साखी हैं उनकी महिमा के
सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल
कलम, आज उनकी जय बोल….

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