बीएनएन डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरे जनऔषधि दिवस के मौके पर संबोधित करते हुए कहा कि जन औषधि चिकित्सक, जन औषधि ज्योति और जन औषधि सारथी, ये तीन महत्वपूर्ण सम्मान पाने वाले सभी साथियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं. प्रधानंत्री ने कहा कि जन औषधि योजना को देश के कोने-कोने में चलाने वाले और कुछ लाभार्थियों से आज मुझे बात करने का अवसर मिला और जो चर्चा हुई है, उसमें स्पष्ट हुई है कि ये योजना गरीब और विशेष रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों की बहुत बड़ी साथी बन रही है.
पीएम मोदी ने कहा कि जन औषधि योजना सेवा और रोजगार दोनों का माध्यम बन रही है. जन औषधि केंद्रों में सस्ती दवाई के साथ-साथ युवाओं को आय के साधन मिल रहे हैं. बता दें कि एक हफ्ते तक चलने वाला जनऔषधि दिवस कार्यक्रम 1 मार्च को शुरू हुआ था और आज पीएम मोदी के संबोधन के साथ ही इसका समापन हो गया. देश में अभी सभी जिलों में जन औषधि केंद्रों का संचालन हो रहा है. पूरे देश में 7400 से अधिक जन औषधि केंद्र हैं. जन औषधि दिवस सप्ताह 2021 का आयोजन देशभर के 7400 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है.
इस सप्ताह के अंतर्गत जन औषधि केंद्र के संचालक विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं जिसमें स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं. इस आयोजन का आरंभ एक मार्च को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर के आयोजन के साथ हुआ था जिसमें रक्त चाप जांच, शूगर के स्तर की जांच, चिकित्सक से नि:शुल्क परामर्श, मुफ्त में दावा वितरण इत्यादि किया गया. जन औषधि सप्ताह के चौथे दिन आयोजित पीएमबीजेके शिविरों में महिलाओं को सैनीटरी पैड के इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया गया. इस आयोजन के अंतर्गत देश के 2000 से अधिक स्थानों पर 1,00,000 से अधिक सुविधा सैनीटरी पैकेट का नि:शुल्क वितरण किया गया. बीपीपीआई टीम, जन औषधि मित्र और जन औषधि केंद्र संचालकों ने समाज में वरिष्ठ नागरिकों के घर-घर जाकर उन्हें 7400 से अधिक जन औषधि केंद्रों पर सस्ती दर पर उपलब्ध जेनेरिक दवाओं के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया.

