श्योपुर: मुख्यमंत्री चौहान ने श्योपुर के हितग्राहियों से किया सीधा संवाद पीएम स्वनिधि योजना की वीसी आयोजित मुख्यमंत्री शिवराज सिहं चौहान ने कहा है कि कोरोना महामारी हम पर कहर बन कर टूट गई.
कई लोग बीमार हुए अस्पताल जाना पडा. कोरोना संक्रमण से निजात दिलाने के लिए हम हर तरफ प्रयास कर रहे है. लाॅकडाउन से काम धंधे छिन गये. प्रधानमंत्री दूरदर्शी है. उनके द्वारा पीएम स्वनिधि योजना लागू की है.
यह योजना हितग्राहियों की आजीविका चलाने में सहायक बनेगी. वे आज वीडियो काॅफे्रन्सी के माध्यम से ग्वालियर, चंबल संभाग के 08 जिलो के हितग्राहियो से सीधा संवाद कर उनसे चर्चा कर रहे थे.
एनआईसी श्योपुर में कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव, विजयपुर विधायक सीताराम आदिवासी, पीएम स्वनिधि योजना से लाभान्वित हितग्राही श्योपुर के मुकेश राठौर, सईद अंसारी, भूली बाई, लीड बैंक आफीसर सुरेन्द्र पाठक, परियोजना अधिकारी शहरी विकास ताराचंद धूलिया, नगर पालिका श्योपुर के सीएमओ आनन्द शर्मा, नगरीय निकाय के सीएनएमएनयूएलएम अनिल झा एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रदेश के शहरी पथ व्यवसायियो का रोजगार एवं उनकी आजीविका प्रभावित हुई है.
इन व्यवसायियों को पुनः रोजगार से जोडने एवं स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार द्वारा आत्मनिर्भर पैकेज-2 में पीएम स्ट्रीट वेंडर्स, आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्र के ऐसे समस्त स्ट्रीट वेंडर योजना के लिए 24 मार्च 2020 से पूर्व शहरी पथ विके्रता रहे हो.
कोरोना महामारी के कारण पुनः अपने प्रदेश में लौट आये हो या शहरी क्षेत्र के पास से ग्रामीण क्षेत्र से पथ विके्रता का कार्य करने आते होे, को पात्रता दी गई है. उन्होने कहा कि एक वर्ष के लिए रूपये 10000/- का ब्याज मुक्त कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया जावेगा.
भारत सरकार द्वारा 7 प्रतिशत का ब्याज अनुदान प्रदान किया जा रहा है. पथ विक्रेताओं को ऋण वापसी पर ब्याज का भार वहन न करना पडे. इस हेतु राज्य शासन द्वारा 7 प्रतिशत से अतिरिक्त शेष ब्याज अनुदान वहन करने का निर्णय लिया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल ट्रान्जेशन पर वर्ष में अधिकतम रूपये 1200/- का विशेष अनुदान की सुविधा इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियो को दी गई है.
हितग्राही समय से या शीघ्र भुगतान करने पर अधिकतम 200 प्रतिशत, रू. 20000/- तक की सीमा के कार्यशील पूंजी ऋण व ब्याज अनुदान के लिए पात्र होगा. हितग्राही को ओवर ड्राफ्ट तथा सीसी लिमिट की सुविधा है.
हितग्राही को ऑनलाइन आवेदन एवं ऑनलाइन ऋण स्वीकृति व कम से कम पेपर वर्क की सुविधा दी गई है. उन्होंने कहा कि पथ विके्र्रताओ को अल्प ऋण लेने हेतु बैंको से अनुबंध निष्पादन के दौरान राज्य शासन के द्वारा स्टाम्प ड्यूटी मात्र 50 रू. तय की गई है.
इस योजना के अंतर्गत नाई, बासं की डलिया, कबाडी वाला, लोहा, पनवाडी, मोची, चाय की दुकान, सब्जी भाजी, फूल विके्रता, वस्त्र विके्रता, हाथकरघा, आइस्कीम पार्लर इत्यादि 35 व्यवसायियो को सम्मिलित किया गया है.
भारत सरकार द्वारा इस योजना के पोर्टल का शुभारंभ 02 जुलाई 2020 को किया था. अभी तक 01 लाख 66 हजार 278 आवेदन ऑनलाईन बैंको को प्रेषित कर दिये गये है.
यह देश में कुल प्रस्तुत आवेदनों का 30 प्रतिशत है. मप्र आवेदन प्रस्तुत करने में देश में प्रथम स्थान पर है. पीएम स्वनिधि योजना में मप्र के 53 हजार 950 ऋण प्रकरणो की स्वीकृति दी जा चुकी है.
यह देश में कुल स्वीकृत प्रकरणों का 45 प्रतिशत है. योजना अंतर्गत मप्र ऋण स्वीकृत में भी देश में प्रथम स्थान पर है. स्वीकृत 53 हजार ऋण प्रकरणो में 53 करोड की ऋण राशि स्वीकृत की गई है.

