नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के सागरपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की लाठी डंडे से पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आई है. इस मामले में वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मी कमलेश को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
इस वीडियो में एक युवक को कुछ लोग व एक पुलिसकर्मी यह आरोप लगाते हुए पीटते नजर आ रहे हैं कि वे लोगों से जबरन गले मिल रहे हैं. बाद में वीडियो की पड़ताल करने पर पाया गया कि जिस युवक की पिटाई हो रही है वे सागरपुर क्षेत्र में रहते हैं.
परिजनों के मुताबिक वे अपनी बड़ी बहन के यहां से अपने घर की ओर जा रहे थे. वे मानसिक रूप से थोड़ा परेशान रहते हैं. जब उनकी नजर पुलिसकर्मी पर पड़ी तो वह डर गए और तेजी से भागने लगे. इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने
दरअसल उन्हें अंदेशा था कि उन्होंने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है. पुलिसकर्मी जब उनपर नजर पड़ी तो उसने इमरान को पीटना शुरू कर दिया. तभी किसी ने कह दिया कि यह कोरोना का मरीज है. इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने भी पुलिस के साथ उन्हें पीटना शुरू कर दिया.
परिजनों का कहना है कि एक तो इमरान काेरोना संक्रमित नहीं हैं और अगर हैं भी तो पुलिस का यह कर्तव्य था कि वह उन्हें अस्पताल पहुंचाता और परिजनों को इस बात की जानकारी देता.
पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी की पहचान हुई. आरोपित पुलिसकर्मी सागरपुर थाना में तैनात है. अब परिजनों ने इस पूरे प्रकरण में मांग की है कि वीडियो में जो अन्य लोग पीटते नजर आ रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए.
इस मसले पर पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन चल रही है. आरोपित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.

