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कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए मुंबई को पुरी तरह सेना के हवाले नहीं कर सकते
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित मुंबई में सेना तैनात करने की अटकलों को शुक्रवार को खारिज कर दिया, हालांकि उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो केंद्रीय बलों की मांग की जा सकती है.
‘लाइव वेबकास्ट’ में ठाकरे ने कहा कि राज्य में कोरोना वायरस का ‘चक्र’ अभी टूटा नहीं है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी जगह और विशेषकर मुंबई में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं.
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 19 हजार के पार हो गई है. इनमें से करीब 12 हजार मामले अकेले मुंबई से सामने आए हैं.
ठाकरे ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार जरूरत पड़ने पर केंद्र से अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती का अनुरोध कर सकती है, ताकि चरणबद्ध तरीके से पुलिसकर्मी आराम कर पाएं.
ठाकरे ने कहा, इसका यह मतलब नहीं है कि मुंबई को सेना के हवाले कर दिया जाएगा. पुलिसकर्मी चौबिसों घंटे काम करने की वजह से काफी थक गए हैं, कुछ तो बीमार भी पड़ गए हैं और वहीं कुछ की वायरस से संक्रमित होने के बाद जान भी चली गई. उन्हें आराम चाहिए.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वायरस को नियंत्रित किया गया है लेकिन इसके चक्र को तोड़ने में राज्य अभी तक कामयाब नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन 17 मई के बाद बढ़ाया जाए या नहीं यह इस बात पर निर्भर करता है कि लोगों ने कितना अनुशासन दिखाया और कितना नियमों का पालन किया.
ठाकरे ने कहा, ‘एक न एक दिन हमें इस लॉकडाउन से बाहर निकलना ही होगा. हम हमेशा ऐसे नहीं रह सकते, लेकिन इससे जल्दी निकलने के लिए आपको नियमों का पालन करना होगा, सामाजिक दूरी बनाए रखनी होगी और चेहरे पर मास्क लगाना होगा.’

