रांची: झारखंड की राजधानी रांची में प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी सेविकाओं पर पुलिसकर्मियों ने जमकर लाठी भांजी. यही नहीं पुलिसकर्मियों ने बेरहमी की सभी हदें भी पार कर दीं. सड़क के बीचों बीच महिलाओं को घसीट-घसीट कर लाठी से वार किया. पुलिस ने लाठीचार्ज तब किया जब धरने पर बैठी आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका अपराह्न तीन बजे राजभवन के पास लगे बैरिकेट को तोड़ कर आगे बढ़ रही थीं. इस क्रम में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कर्मियों ने लाठी भांजी. इससे कई महिलाओ को हाथ और पैर में चोट लगी. बतातें चलें कि आंगनबाड़ी सेविकाएं 15 सितंबर से भूख हड़ताल पर हैं. सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठी एक सेविका की हालत बिगड़ी, तो उसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया. भूख हड़ताल कर रही सेविकाओं की तबीयत रह-रह कर बिगड़ रही है, इन्हें देखने तथा अस्पताल पहुंचाने के लिए धरनास्थल पर 108 एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मी 24 घंटे तैनात हैं. दूसरी तरफ सरकार ने इन्हें सात दिन में काम पर लौटने अन्यथा कार्रवाई झेलने का अल्टीमेटम दिया है
88,000 सेविकाएं हैं आंदोलनरत
झारखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले राज्यभर की लगभग 88 हजार महिलाएं आंदोलनरत हैं. इसमें आंगनबाड़ी कर्मियों का स्थायीकरण, जनवरी 2018 में हुए समझौते को लागू करने, मानदेय के स्थान पर वेतन देने, न्यूनतम वेतन लागू करने, समान काम के लिये समान वेतन दिये जाने सहित स्वास्थ्य बीमा देने की मांग है.

