उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में लॉकडाउन के दौरान सब्जी की बाजार हटवाने को लेकर सब्जी विक्रेताओं ने पुलिस की पर हमला बोल दिया. पुलिस कर्मियों ने भागने का प्रयास किया तो पथराव कर दिया गया, जिसमें एक इस दौरान एक कॉन्स्टेबल घायल हुआ हैं. हमलावरों ने पुलिस की लैपर्ड बाइक में भी तोड़फोड़ कर दी.
घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. सूचना पर सीओ प्रथम कई थानों के पुलिस फोर्स और पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रण में किया. सीओ प्रथम विशाल पाण्डेय ने बताया कि लॉकडाउन की अवधि पूर्ण होने के बाद सब्जी विक्रेता अपने घरों को जा रहे थे.
इसी दौरान सब्जी विक्रेताओं में आपस में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया. लॉकडाउन का पालन कराने और बाजार को बंद कराने गए लेपर्ड कर्मियों ने सब्जी विक्रेताओं के झगड़े में हस्तक्षेप कर मामले को खत्म कराने का प्रयास किया. इसी दौरान सब्जी विक्रेता और मौके पर एकत्रित भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया.
स्थिति को पूर्ण रूप से नियंत्रित कर लिया गया है. घटना में जुनैद नाम का सिपाही घायल हुआ है. पुलिस आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई करेगी. वहीं पुलिस आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है.
सीओव सीटी ने बताया कि भुजपुरा एरिया के पास पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की गई. नियत समय पर दुकानें बंद करवाई जा रही थी. ठीक उसी समय सब्जी वाले आपस में लड़ पड़े पुलिस उन्हें छुड़ाने गई तो मामला बढ़ गया. उस दौरान पत्थर बाजी होने लगी जिसमें एक का कॉन्स्टेबल घायल हुए. फिलहाल स्थिति नियंत्रित है.
मालूम हो कि पिछले कई दिनों से कोरोना मुक्त चल रहे अलीगढ़ जिले में सोमवार को ऐसा ग्रहण लगा कि लगातार कुछ न कुछ बुरी खबर सामने आ रही है. सोमवार को जिले में कोरोना पॉजिटिव घोषित हुए उस्मानपाड़ा के 55 वर्षीय मरीज की मौत हो गई.
अलीगढ़ शहर को पांच जोन में विभाजित
बता दें कि जिले में लॉकडाउन का पालन कराने के लिए अलीगढ़ शहर को पांच जोन में विभाजित किया गया है. साथ ही वाहनों की बेवजह आवाजाही रोकने के लिए दिल्ली की तर्ज पर ऑड-ईवन व्यवस्था भी लागू की गई है.
सभी जोन से संबंधित थानों की पुलिस को बैरियर पर तैनात किया गया है. बेवजह घूमते पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो रही है. साथ ही एक जोन से बेवजह दूसरे जोन में जाने की भी अनुमति नहीं है. लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई के प्रावधान हैं.
इस व्यवस्था में आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभाग, अधिकारी, कर्मचारी, जरूरी पास धारक और प्रेसकर्मी व समाचार पत्र वितरण से जुड़े वाहन मुक्त हैं.

