नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने सोमवार को जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाने पर अपने विचार व्यक्त किए है. उन्होंने इस कानून के लिए अपना समर्थन देते हुए कहा कि जानवरों की तरह बच्चे पैदा करना देश के लिए हानिकारक है.
रिजवी ने कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि बच्चों का पैदा होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसमें छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए. जानवरों की तरह बच्चों को जन्म देना खतरनाक है. जनसंख्या नियंत्रण के लिए अगर कानून बनता है तो यह देश के लिए अच्छा होगा.
गौरतलब है कि देश भर में नागरिकता कानून पर मचे बवाल के बीच सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने पर विचार शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल अपने लालकिला से दिए भाषण में जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था.
प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत की जनसंख्या तकरीबन 1.37 अरब है, जो विश्व में दूसरे स्थान पर है. जाहिर है कि जनसंख्या नियंत्रण पर नीति बनाना मोदी सरकार की प्राथमिकता में है.
दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ने अब अपने एजेंडे में देश की बढ़ती जनसंख्या को शामिल कर लिया है. आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि जनसंख्या देश के लिए एक बड़ी समस्या है. मगर यह एक बड़ा संसाधन भी हो सकती है. सरकार देश में आम राय बनाने के बाद ही जनसंख्या नीति बनाए और फिर उसे लागू करे.
उन्होंने कहा कि जनसंख्या नीति बनाने से पहले उस पर गंभीरता से चिंतन किए जाने की जरूरत है. कुछ जगह यह छाप दिया गया कि मैंने हर शख्स के दो बच्चों की पैरवी की है. मगर, मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही. यह जनसंख्या नीति तय करेगी कि किसी शख्स के कितने बच्चे होने चाहिए. इसलिए इस नीति पर सबकी सहमति होनी चाहिए.

